बजट सत्र की हुई शुरुआत, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को किया संबोधित
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि सरकार की मजबूत नीतियों और पहलों के कारण देश में कृषि उत्पादन में तेजी से वृद्धि हुई है। बजट सत्र के पहले दिन संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि खाद्य और बागवानी फसलों का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार उन फसलों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए भी काम कर रही है जिनमें कृषि क्षेत्र पिछड़ा हुआ है। राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार का उद्देश्य राष्ट्रीय मिशनों के माध्यम से खाद्य तेलों, तिलहन और दालों पर कृषि उत्पादों के आयात को कम करना है। उन्होंने कहा कि देश इन क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है।
राष्ट्रपति मुर्मु ने विश्वास व्यक्त किया कि देश इस दशक के अंत तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य प्राप्त कर लेगा। उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों में पूर्वोत्तर क्षेत्र में 7,200 किलोमीटर किलोमीटर से अधिक राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया गया है। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि इससे दूरस्थ, पहाड़ी, जनजातीय और सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुंच आसान हो गयी है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास के लिए ‘विकसित भारत-जी राम जी’ कानून लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि यह नया कानून गांवों में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी सुनिश्चित करेगा। यह भ्रष्टाचार और गबन को रोकने में भी सहायक होगा, जिसके लिए सरकार लंबे समय से प्रयास कर रही है। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि इस योजना से ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी और किसानों, पशुपालकों तथा मछुआरों के लिए नई सुविधाओं का सृजन होगा।
उन्होंने कहा कि पिछले 10-11 वर्षों में देश ने हर क्षेत्र में अपनी नींव मजबूत की है और वर्ष 2026 ‘विकसित भारत’ की यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।





