बजट सत्र की हुई शुरुआत, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को किया संबोधित
संसद का बजट सत्र राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के दोनों सदनों की संयु्क्त बैठक में अभिभाषण के साथ शुरू हो गया है। राषट्रपति ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास के लिए विकसित भारत जी-राम-जी कानून लागू किया गया है। बजट सत्र के पहले दिन संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि नए कानून के अंतर्गत गांव में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी सुनिश्चित की गई है। यह भ्रष्टाचार और गबन को रोकने में भी सहायक होगा। राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि सरकार के निरंतर प्रयासों से आज सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ लगभग 95 करोड़ भारतीयों को मिल रहा है जबकि, वर्ष 2014 की शुरुआत में केवल 25 करोड़ नागरिकों को ही इन योजनाओं का लाभ मिल रहा था।
‘सबका साथ, सबका विकास‘ का विजन देश के हर नागरिक के जीवन में सकारात्मक प्रभाव ला रहा है। वर्ष 2014 की शुरूआत में सिर्फ 25 करोड़ नागरिकों तक ही सोशल सिक्योरिटी की योजनाएं पहुंच पाती थीं। सरकार के प्रयासों ने निरंतता की वजह से आज करीब 95 करोड़ भारतीयों को सोशल सिक्योरिटी का अवार्ड मिला है।
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकवाद के खिलाफ दुनिया में भारत का कड़ा रूख पेश किया है।
ऑपरेशन सिन्दूर से विश्व में भारतीय सेना का शौर्य और पराक्रम देखा है। हमारे देश ने अपने संसाधनों के बल पर आंतकियों के अड्डे को ध्वस्त कर दिया है। सरकार ने कड़ा संदेश दिया है कि भारत किसी भी आंतकी हमले का जवाब दृढ़ और निर्णायक होगा। सिन्धु जल समझौते को स्थगित किया जाना भी आतंकवाद के विरूद्ध हमारी लड़ाई का हिस्सा है। देश की रक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए मिशन सुदर्शन चक्र पर भी काम हो रहा है।
राष्ट्रपति ने कहा कि 2025 में भारत का रक्षा उत्पादन 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष में दो हजार माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। उन्होंने कहा कि गरीबों को 32 लाख नए घर मिले हैं।
पिछले एक दशक में गरीबों के 4 करोड़ पक्के घर बने। बीते एक वर्ष में 32 लाख नए घर गरीबों को मिले। जल जीवन मिशन के 5 वर्षों में साढ़े 12 करोड़ नए परिवारों तक पाइप से पानी पहुंचाया गया। उज्ज्वला योजना के माध्यम से अब तक 10 करोड़ से ज्यादा परिवारों को एलपीजी कनेक्शन्स मिले हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले एक दशक में 25 करोड़ नागरिकों को गरीबी से बाहर निकाला गया। राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार की सुदृढ़ नीतियों और पहलों के कारण देश में कृषि उत्पादन में तीव्र वृद्धि हुई है। राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत इस दशक के अंत तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य निश्चित रूप से प्राप्त कर लेगा। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में पूर्वोत्तर क्षेत्र में 7 हजार 200 किलोमीटर से अधिक राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया गया है।





