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प्रोफेसर ब्रायन ग्रीन, प्रसिद्ध अमेरिकी भौतिक विज्ञानी और गणित एवं भौतिकी के प्रोफेसर, कोलंबिया विश्वविद्यालय ने आईआईटी दिल्ली का दौरा किया और छात्रों के साथ बातचीत की

प्रोफेसर ब्रायन ग्रीन, प्रसिद्ध सैद्धांतिक भौतिक विज्ञानी, लेखक और कोलंबिया विश्वविद्यालय में गणित एवं भौतिकी के प्रोफेसर ने आज भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली का दौरा किया और छात्रों के साथ बातचीत की। इस अवसर पर आईआईटी दिल्ली के निदेशक, डॉ. रंजन बनर्जी, संकाय और छात्र उपस्थित रहे। प्रोफेसर ग्रीन ने आईआईटी संस्थान के अनुसंधान एवं नवाचार पार्क का भी दौरा किया और सुविधाओं की सराहना की।

प्रोफेसर ग्रीन ने छात्रों के साथ बातचीत करते हुए अपने शानदार दौरे और संकाय एवं छात्रों के साथ रोचक चर्चाओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने उनकी ऊर्जा, रचनात्मकता एवं नवाचार के प्रति उत्साह की सराहना की। उन्होंने बल देकर कहा कि वैज्ञानिक एवं तकनीकी विकास में उनकी गहरी रुचि अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह एक बेहतर भविष्य के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा।

भारत की वैज्ञानिक नवाचार में तीव्र प्रगति को स्वीकार करते हुए, प्रोफेसर ग्रीन ने आशा व्यक्त किया कि यह प्रगति देश को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में वैश्विक नेता के रूप में स्थापित करेगी। उन्होंने आईआईटी की प्रशंसा की, इसे एक विश्व स्तरीय संस्थान बताते हुए कहा कि यहां भारत के कुछ महानतम दिमागों को विकसित करने के लिए एक अद्भुत समर्पित संकाय है।

सत्र के दौरान, छात्रों ने उनसे दिलचस्प सवाल पूछे, जिसमें उनके अनुसार भौतिकी और गणित जैसे विषय कहां भिन्न होते हैं और कहां मिलते हैं, साथ ही स्ट्रिंग सिद्धांत के बारे में पूछताछ शामिल थी। इसके जवाब में, प्रोफेसर ग्रीन स्ट्रिंग सिद्धांत की गणित से संबंधित अपने काम पर विस्तृत चर्चा की।

प्रोफेसर ग्रीन ने आईआईटी दिल्ली के अनुसंधान एवं नवाचार पार्क का दौरा किया। इस संस्थान का उद्घाटन राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने संस्थान की हीरक जयंती समारोह में किया था। यह पार्क नवाचार एवं उत्पाद विकास पर केंद्रित है जहां आईआईटी दिल्ली, उद्योग, उद्यमी और सरकारी एजेंसियां मिलकर उन्नत तकनीकी समाधान को सक्षम बनाती हैं। यह पार्क अनुसंधान अनुवाद में तेजी लाने, आईआईटी दिल्ली के छात्रों और संकाय को उद्योग के साथ अधिक निकटता से बातचीत करने के अवसर प्रदान करता है और नवाचार के माध्यम से तकनीकी प्रगति को बाजार में लाने, अनुसंधान एवं विकास के तकनीकी एवं सामाजिक प्रभाव को बढ़ाने और उद्यमिता की आकांक्षाओं को प्रेरित करता है। इसमें स्टार्ट-अप के लिए प्रयोगशालाएं बोर्ड रूम, सम्मेलन कक्ष, बैठक और प्रशिक्षण कमरे आदि जैसी सुविधाएं मौजूद हैं।

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