सरकार ने कहा है कि लोगों के बीच सामान्य रूप से किसी भी राशि के यूपीआई लेनदेन पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। वित्त मंत्रालय ने कहा है कि छोटे व्यापारियों के लिए शून्य व्यापारी छूट दर के अंतर्गत लेनदेन के साथ-साथ व्यापारियों को दो हजार रुपये तक के भुगतान भी मुफ्त रहेंगे।
इसके परिणामस्वरूप सभी व्यक्ति-से-व्यापारी लेनदेन का लगभग 96 प्रतिशत हिस्सा प्रभावित नहीं होगा। छूट दर केवल दो हजार रुपये से अधिक के निर्दिष्ट व्यापारी लेनदेन पर ही लागू होगी।
कुल छूट दर संग्रह के 5 प्रतिशत से छोटे व्यापारियों को यूपीआई के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए एक समर्पित कोष स्थापित किया जाएगा।
वित्त मंत्रालय ने कहा कि यूपीआई शुल्क केवल दो हज़ार रुपये से अधिक के व्यक्ति से व्यापारी यानि पी2एम लेनदेन पर लागू होगा। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यूपीआई ऐप उपलब्ध कराने वाली कंपनियां किसी भी तरह का प्लेटफॉर्म शुल्क नहीं लगा सकती हैं। मंत्रालय ने बैंकों को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी है कि व्यापारी यूपीआई भुगतान पर लगने वाला मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानि एमडीआर का शुल्क ग्राहकों से न वसूलें। दो हज़ार रुपये से अधिक के पी2एम लेनदेन पर शून्य दशमलव चार प्रतिशत की सामान्य एमडीआर लगेगी। वहीं 75 हज़ार रुपये या उससे अधिक के बड़े लेनदेन पर एमडीआर शुल्क अधिकतम 300 रुपये प्रति लेनदेन होगी। वहीं व्यक्ति से व्यक्ति व्यापारी पी2पी-एम श्रेणी के तहत यूपीआई क्यूआर कोड के माध्यम से हर महीने एक लाख तक प्राप्त करने वाले छोटे व्यापारियों को सभी लेनदेन पर अनिवार्य रूप से शून्य एमडीआर की सुविधा जारी रहेगी। इसके अलावा व्यक्तियों के लिए मुफ्त यूपीआई लेनदेन पर कोई मासिक सीमा, लेनदेन की संख्या की सीमा या अलग-अलग शुल्कों के आधार पर कोई कैप नहीं है।
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