गन्ना किसानों और चीनी मिलों को राहत देने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने किसानों के वर्ष 2025-26 के पेराई सत्र में बकाया और लाभकारी मूल्य के भुगतान के लिए सस्ता कर्ज देने का निर्णय लिया है। यह निर्णय कल मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।
सहकारी चीनी मिलों के लिए लगभग 750 करोड़ रुपये के सॉफ्ट लोन की मंजूरी देने का निर्णय कल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इन ऋणों पर लगने वाले ब्याज का वहन करेगी। देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इस कदम से सहकारी चीनी मिलें मौजूदा गन्ना पेराई सत्र के लिए काम शुरू कर सकेंगी और गन्ने की खरीद कर सकेंगी, जिससे मिलों और किसानों दोनों को लाभ होगा। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र में गन्ना किसानों को एफआरपी का लगभग 99 दशमलव 5 प्रतिशत भुगतान हो चुका है और एफआरपी भुगतान के मामले में महाराष्ट्र देश में पहले स्थान पर है।
अमरीकी सरकार यूरोप और मध्य पूर्व देशों को दी जाने वाली करोड़ों डॉलर की सैन्य…
भारत ने दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में अफगानिस्तान को सात विकेट से हराकर तीन…
न्यूजीलैंड की संसद ने भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौता लागू करने का विधेयक पारित…
सरकार ने कहा है कि लोगों के बीच सामान्य रूप से किसी भी राशि के…
दिल्ली सरकार ने आशा कार्यकर्ताओं के लिए निर्धारित मासिक प्रोत्साहन राशि को 3000 रुपये से…
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज गुजरात में पांच गति शक्ति कार्गो टर्मिनलों (जीसीटी) का…