रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज भावनगर रेलवे स्टेशन से भावनगर-अयोध्या छावनी साप्ताहिक रेलगाडी को झंडी दिखाकर रवाना किया। अश्विनी वैष्णव ने रीवा से पुणे और जबलपुर से रायपुर के लिए दो अन्य रेलगाडियों को भी वर्चुअल माध्यम से झंडी दिखाई। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में भारतीय रेलवे में महत्वपूर्ण बदलाव हुए है।
11 वर्ष पहले अगर किसी स्टेशन पे जाते, स्टेशन पे खड़ा होना दुर्भर होता था। इन 11 मोदी जी ने रेलवे में बहुत बड़ा परिवर्तन किया है। आज स्टेशन साफ-सुथरे होते हैं। नए स्टेशन बन रहे हैं। गाड़ियां साफ-सुथरी हैं और जो 50-60 वर्षों के पुराने जो तकलीफें थीं उनकों इन 11 वर्षों में बहुत हद तक दूर किया है और एक नए विजन के साथ काम कर रहे हैं जिसके कि नए तरह का रेलवे गड़े, नए तरह का भारत बने।
रेल मंत्री ने कहा कि देश में एक हजार तीन सौ रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास विश्व की सबसे बडी स्टेशन पुनर्विकास परियोजना है। इस अवसर पर अश्विनी वैष्णव ने गुजरात के लिए भी कई घोषणाएं कीं।
राजकोट, पोरबंदर और जूनागढ़ जिलों में बुनियादी ढाँचे को बढ़ावा देते हुए, पोरबंदर और राजकोट के बीच नई रेल सेवा की घोषणा की गई। इस के अलावा साराडी या और वंसजालिया के बीच एक नई रेल लाइन की घोषणा के साथ एक लंबे समय से प्रतीक्षित मांग पूरी हुई है। राणावाव स्टेशन पर 135 करोड़ की लागत से एक आधुनिक कोच रखरखाव केंद्र बनाया जाएगा। मंत्री जी ने भावनगर बंदरगाह पर एक नया कंटेनर टर्मिनल स्थापित करने की भी घोषणा की। और आने वाले समय में भावनगर और सूरत के बीच नई वंदे भारत ट्रेन शुरू करने का भी वादा किया।
बाद में रेल मंत्री ने नवागांव स्थित एपीपीएल कंटेनर यार्ड का दौरा किया और विकसित भारत चर्चा में भाग लिया।
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