भारतीय रेलवे संपूर्ण यात्रा अनुभव को यात्री-केंद्रित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। रेलवे के साथ एक यात्री की यात्रा टिकट आरक्षण के चरण से शुरू होती है। रेलवे टिकट बुकिंग को आसान बनाने के लिए कई कदम उठा रहा है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में इन सुधारों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि टिकट प्रणाली स्मार्ट, पारदर्शी, सुलभ और कुशल होनी चाहिए। योजनाओं में यात्रियों की सुविधा पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। यह प्रणाली हमारे यात्रियों के लिए एक सहज और आरामदायक यात्रा अनुभव सुनिश्चित करेगी।
बेहतर और उन्नत चार्टिंग से यात्रा योजनाओं को लेकर निश्चितता होगी
चार्टिंग: वर्तमान में, ट्रेन के प्रस्थान से चार घंटे पहले आरक्षण चार्ट तैयार किया जाता है। यह यात्रियों के मन में अनिश्चितता पैदा करता है। यात्री जब ट्रेन पकड़ने के लिए पास के क्षेत्र से आते हैं तो यह अनिश्चितता गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है।
इस अनिश्चितता को दूर करने के लिए रेलवे बोर्ड ने प्रस्थान से आठ घंटे पहले आरक्षण चार्ट तैयार करने का प्रस्ताव रखा है। 1400 बजे से पहले प्रस्थान करने वाली ट्रेनों के लिए, चार्ट पिछले दिन ही 2100 बजे तैयार किया जाएगा। रेल मंत्री ने इस प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की और बोर्ड को इसे चरणों में लागू करने का निर्देश दिया ताकि कोई व्यवधान न हो।
यह कदम प्रतीक्षा सूची टिकट वाले यात्रियों के लिए अनिश्चितताओं को कम करेगा। यात्रियों को प्रतीक्षा सूची की स्थिति के बारे में पहले ही जानकारी मिल जाएगी। यह लंबी दूरी की ट्रेनों को पकड़ने के लिए प्रमुख शहरों के दूरदराज के स्थानों या उपनगरों से यात्रा करने वाले यात्रियों को लाभान्वित करेगा। यह प्रतीक्षा सूची की पुष्टि नहीं होने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए अधिक समय भी प्रदान करेगा।
आधुनिक यात्री आरक्षण प्रणाली (पीआरएस) दिसंबर 2025 तक
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यात्री आरक्षण प्रणाली के अपग्रेडेशन की समीक्षा की। इस परियोजना को पिछले कुछ महीनों से क्रिस (रेल सूचना प्रणाली केंद्र) द्वारा क्रियान्वित किया जा रहा है।
नया उन्नत पीआरएस डिजाइन तेज, लचीला और वर्तमान लोड से दस गुना अधिक भार संभालने में सक्षम है। इससे टिकट बुक करने की क्षमता में काफी वृद्धि होगी। नए पीआरएस से प्रति मिनट 1.5 लाख से अधिक टिकट बुकिंग की सुविधा मिलेगी। यह वर्तमान पीआरएस में 32,000 टिकट प्रति मिनट से लगभग पांच गुना अधिक होगा।
टिकट पूछताछ क्षमता भी दस गुना बढ़ जाएगी, यानी 4 लाख से 40 लाख प्रति एक मिनट में जांच संभव हो सकेगी।
नए पीआरएस में बहुभाषी और उपयोगकर्ता के अनुकूल बुकिंग और पूछताछ इंटरफ़ेस भी है।
नए पीआरएस में, उपयोगकर्ता अपनी पसंदीदा सीट का चयन करने और किराया कैलेंडर देखने में सक्षम होंगे। इसमें दिव्यांगजनों, छात्रों, रोगियों आदि के लिए भी एकीकृत सुविधाएं हैं।
“तत्काल बुकिंग” के लिए व्यवस्थित प्रमाणीकरण – भारतीय रेलवे 1 जुलाई 2025 से केवल सत्यापित उपयोगकर्ताओं को ही आईआरसीटीसी वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर “तत्काल टिकट बुक” करने की अनुमति देगा।
इसके अतिरिक्त, जुलाई 2025 के अंत से तत्काल बुकिंग के लिए ओटीपी-आधारित सत्यापन लागू किया जाएगा।
रेल मंत्री ने अधिकारियों को तत्काल बुकिंग के लिए ऑथेंटिकेशन मैकेनिज्म को व्यापक बनाने का निर्देश दिया। यह प्रमाणीकरण आधार या उपयोगकर्ता के डिजिलॉकर खाते में उपलब्ध किसी अन्य सत्यापन योग्य सरकारी पहचान पत्र का उपयोग करके किया जाना चाहिए।
ये पहल भारतीय रेलवे द्वारा अपनी प्रणालियों को आधुनिक बनाने तथा उन्हें अधिक नागरिक अनुकूल बनाने के निरंतर प्रयासों को दर्शाती हैं।
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