भारतीय रिज़र्व बैंक ने किसान क्रेडिट कार्ड योजना के लिए संशोधित मसौदा नियम जारी किए हैं, जिसमें मिट्टी की जांच, मौसम पूर्वानुमान और जैविक प्रमाणीकरण जैसे कार्यों पर होने वाले खर्च को कृषि ऋण में शामिल करने का प्रस्ताव है। मसौदे के अनुसार, प्रति उधारकर्ता 2 लाख रुपये तक के कृषि और संबद्ध ऋणों के लिए संपार्श्विक और मार्जिन आवश्यकताओं में छूट दी गई है। किसान क्रेडिट कार्ड योजना में आहरण सीमा को फसल-वार वित्तपोषण के पैमाने के अनुरूप बनाया गया है, जबकि एक हेक्टेयर तक की भूमि वाले सीमांत किसानों के लिए 10 हज़ार से 50 हज़ार रुपये की ऋण सीमा का प्रस्ताव किया गया है। भारतीय रिज़र्व बैंक ने अल्पावधि फसलों के लिए 12 महीने और दीर्घावधि फसलों के लिए 18 महीने की अवधि निर्धारित की है, साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड की वैधता को बढ़ाकर छह वर्ष करने का प्रस्ताव किया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज फ्रांस राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ चर्चा की। बातचीत के…
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मध्य प्रदेश के इंदौर में 2 मार्च 2026 को सीवर…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली में रायसीना संवाद के 11वें संस्करण का शुभारंभ…
पोषण और स्वास्थ्य परिणामों में सुधार के लिए सहयोगात्मक प्रयासों को मजबूत करने की दिशा…
फिनलैंड के राष्ट्रपति डॉ. अलेक्जेंडर स्टब ने आज राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से…
केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने आज भारत की अग्रणी खेल पहल, विश्व की…