रिजर्व बैंक ने आर्थिक विकास को और बढ़ावा देने के लिए आज ब्याज दर में 25 आधार अंकों की कटौती करते हुए इसे 5 दशमलव दो-पांच प्रतिशत कर दिया। रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने चालू वित्त वर्ष की पाँचवीं द्विमासिक मौद्रिक नीति में इस निर्णय की घोषणा की।
उभरती हुई व्यापक आर्थिक स्थितियों और संभावनाओं के विस्तृत आकलन के बाद एमपीसी ने सर्वसम्मति से नीतिगत रेपो दर को तत्काल प्रभाव से 25 आधार अंकों की कटौती करके पांच दशमलव दो-पांच प्रतिशत करने का निर्णय लिया है।
इससे आवास, ऑटो और वाणिज्यिक सहित विभिन्न ऋण सस्ते होने की उम्मीद है। यह कटौती उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित खुदरा मुद्रास्फीति के पिछले तीन महीनों से सरकार द्वारा निर्धारित 2 प्रतिशत के निचले स्तर से नीचे रहने के मद्देनजर की गई है।
संजय मल्होत्रा ने कहा कि इस वर्ष की पहली छमाही में दो दशमलव दो प्रतिशत की सौम्य मुद्रास्फीति और आठ प्रतिशत की वृद्धि दर एक दुर्लभ गोल्डीलॉक्स काल का संकेत देती है।
दूसरी तिमाही में वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर बढ़कर आठ दशमलव दो प्रतिशत हो गई, जो त्योहारी सीज़न के दौरान हुए मज़बूत खर्च से प्रेरित थी, जिसे जीएसटी दरों के युक्तिकरण से और बढ़ावा मिला। इस वर्ष की पहली छमाही में दो दशमलव दो प्रतिशत की सौम्य मुद्रास्फीति और आठ प्रतिशत की वृद्धि दर एक दुर्लभ गोल्डीलॉक्स काल का संकेत देती है।
रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए 6 दशमलव 8 प्रतिशत के पहले के विकास अनुमान को बढ़ाकर 7 दशमलव 3 प्रतिशत कर दिया है।
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