भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने रेपो दर में कोई बदलाव न करते हुए उसे 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि देश की आर्थिक वृद्धि को मजबूत मांग का समर्थन मिल रहा है और यह विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती हुई बड़ी अर्थव्यवस्था बनी हुई है। उन्होंने कहा कि इस वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में देश की अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहा है।
संजय मल्होत्रा ने कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष प्रमुख व्यापार मार्गों को बाधित करके वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए चुनौतियां पेश कर रहा है। उन्होंने बताया कि बैंक ने वित्त वर्ष 2027 के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के अपने अनुमान को पहले के 5.1 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया है।




