भारतीय रिजर्व बैंक ने ऋण से संबंधित मासिक डेटा जारी किया है। कल जारी आंकडों में अगस्त महीने में कृषि और सहयोगी गतिविधियों के ऋण में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में लगभग 18 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है।
इस दौरान उद्योग ऋण में भी लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई। प्रमुख उद्योगों में रसायन और रासायनिक उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण, पेट्रोलियम और बुनियादी ढांचा ऋण में बढोतरी रही।
हालांकि, सेवा क्षेत्र के लिए ऋण वृद्धि में गिरावट रही। अगस्त माह में इसमें 15 दशमलव छह प्रतिशत की वृद्धि हुई जबकि पिछले वर्ष अगस्त में 21 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। गैर बैंकिंग कंपनियों में निम्न ऋण वृद्धि इसका कारण रही।
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