भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो दर में पचास आधार अंकों की कमी कर दी है। इस कटौती के बाद रेपो दर छह प्रतिशत से घटकर साढ़े पांच प्रतिशत हो गई है। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की आज सम्पन्न हुई तीन दिवसीय बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि इस कटौती के बाद बैंक अपने ऋण देने की दरों में भी कमी ला सकते हैं। तरलता समायोजन सुविधा के तहत स्थायी जमा सुविधा दर को पांच दशमलव दो-पांच प्रतिशत किया गया है। इसके अलावा सीमांत स्थायी सुविधा और बैंक दर को पांच दशमलव सात-पांच प्रतिशत किया गया है।
मौद्रिक नीति समिति ने मौजूदा वित्त वर्ष के लिए सकल घरेलू उत्पाद विकास दर को साढे छह प्रतिशत पर रखा है।
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