विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने निष्पक्ष और मजबूत अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने दुनिया में बदलते शक्ति संतुलन को मान्यता दिए जाने का आग्रह किया। नई दिल्ली में आज रायसीना डायलॉग के एक सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि एक मजबूत वैश्विक व्यवस्था की अनुपस्थिति न केवल शक्तिशाली देशों को लाभ पहुंचाती है, बल्कि छोटे देशों को जोखिम उठाने और स्थापित मानदंडों को चुनौती देने में सक्षम बनाती है। एस. जयशंकर ने कश्मीर पर पाकिस्तान के अवैध कब्जे का उल्लेख करते हुए भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लेख किया।
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