वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही के दौरान, कंपनी के ईबीआईटीडीए में पिछले वर्ष की इसी अवधि (सीपीएलवाई) की तुलना में 15 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई, जो इसके स्थिर कोर प्रदर्शन को दर्शाता है। यद्यपि, सस्ते आयात के कारण घरेलू स्टील बाजार में (एनएसआर) में गिरावट के परिणामस्वरूप परिचालन से राजस्व प्रभावित हुआ। वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही के लाभ पर कम शुद्ध बिक्री प्राप्ति (एनएसआर) और असाधारण वस्तुओं से संबंधित समायोजन का असर पड़ा।
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के अध्यक्ष श्री अमरेंदु प्रकाश ने पहली तिमाही के प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए कहा, “घरेलू इस्पात की खपत में निरंतर वृद्धि जारी है, जो पारंपरिक और उभरते दोनों क्षेत्रों द्वारा संचालित है। इसके अतिरिक्त, हाल ही के बजट में घोषित अवसंरचना के क्षेत्र में चल रहे सरकारी निवेश से विकास में वृद्धि होने की आशा है। घरेलू इस्पात क्षेत्र के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) अपने उत्पादन में वृद्धि पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। सस्ते आयात से उत्पन्न चुनौतियों का भविष्य में उचित तरीके से समाधान किए जाने की आशा है।”
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