भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने अडानी समूह के बारे में महत्वपूर्ण रिपोर्ट लीक करने के लिए हिंडनबर्ग रिसर्च को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह रिपोर्ट न्यूयॉर्क के हेज फंड मैनेजर, मार्क किंग्डन को लीक की गई थी। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि रिपोर्ट के प्रकाशन के बाद अडानी समूह की 10 सूचीबद्ध फर्मों के शेयर मूल्यों में एक सौ पचास अरब डॉलर से अधिक की गिरावट आई। इससे हिंडनबर्ग, किंग्डन के हेज फंड और कोटक महिंद्रा बैंक से जुड़े ब्रोकर को लाभ हुआ।
SEBI ने हिंडनबर्ग पर मिलीभगत से अनुचित लाभ कमाने और गैर-सार्वजनिक तथा भ्रामक जानकारी का उपयोग करके अडानी समूह के शेयरों में उथल-पुथल करने का भी आरोप लगाया है।
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