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भारत 16 से 20 फरवरी तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में इंडिया एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा

भारत 16 से 20 फरवरी, 2026 तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में इंडिया एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने जा रहा है, जिसमें दुनिया भर की सरकारें, उद्योगपति, शोधकर्ता, स्टार्टअप, विद्यार्थी और नागरिक भाग लेंगे। इस शिखर सम्मेलन को समावेशी, दायित्वपूर्ण और प्रभावशाली एआई के लिए भविष्य के अनुकूल एजेंडा तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण वैश्विक मंच के रूप में देखा जा रहा है और इसका उद्देश्य उच्च स्तरीय चर्चाओं से आगे बढ़कर ऐसे ठोस परिणाम देना है जो आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और एआई के सतत उपयोग को प्रोत्साहन दे सकें।

यह शिखर सम्मेलन तीन मुख्य स्तंभों – लोग, ग्रह और प्रगति – पर केंद्रित होगा, जिसमें रोजगार और कौशल विकास, सतत और ऊर्जा-कुशल एआई तथा आर्थिक एवं सामाजिक विकास पर चर्चा होगी। वैश्विक उत्तर और ग्लोबल साउथ यानी विकसशील देशों के प्रतिनिधियों द्वारा सह-अध्यक्षता में गठित सात विषयगत कार्य समूह ठोस परिणाम प्रस्तुत करेंगे, जिनमें एआई कॉमन्स, विश्वसनीय एआई उपकरण, साझा कंप्यूटिंग अवसंरचना और एआई उपयोग के मामलों के क्षेत्र-विशिष्ट संकलन के प्रस्ताव शामिल हैं।

प्रतिभागी यह भी जानेंगे कि एआई विभिन्न व्यवसायों और उद्योगों को कैसे प्रभावित कर रहा है, बदलते रोजगार बाजार में किन नए कौशलों की आवश्यकता है, स्टार्टअप के लिए निवेशकों और भागीदारों के साथ जुड़ने के क्या अवसर हैं और किसानों, छोटे व्यवसायों और सेवा प्रदाताओं को सहयोग देने में एआई की क्या भूमिका है।

पांच दिनों में 700 से अधिक सत्रों की योजना के साथ, प्रतिभागियों को सलाह दी जाती है कि वे वेबसाइट पर एजेंडा देखकर, अपनी रुचि के अनुसार सत्रों को चुनकर और उन्हें अपने कैलेंडर में जोड़कर अपनी समय सारिणी बना लें। सत्रों में एआई सुरक्षा, शासन, नैतिक उपयोग, डेटा संरक्षण और रणनीतिक क्षेत्रों के लिए स्वदेशी आधारभूत मॉडल के विकास सहित संप्रभु एआई के प्रति भारत के दृष्टिकोण पर चर्चा की जाएगी।

शिखर सम्मेलन का एक प्रमुख घटक एआई इम्पैक्ट एक्सपो होगा, जो स्वास्थ्य सेवा, कृषि, शिक्षा, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा दक्षता और सुलभता जैसे क्षेत्रों में एआई के व्यावहारिक अनुप्रयोगों को प्रदर्शित करेगा। इन प्रदर्शनों का उद्देश्य नागरिकों को यह समझने में सहायता करना है कि एआई वास्तविक दुनिया की समस्याओं को कैसे हल कर सकता है और सेवा वितरण में सुधार कर सकता है।

इस शिखर सम्मेलन में राष्ट्रीय कौशल विकास पहलों पर भी प्रकाश डाला जाएगा, जैसे कि “युवा एआई फॉर ऑल”, जो विद्यार्थियों और पेशेवरों के बीच बुनियादी एआई जागरूकता पैदा करने के लिए डिज़ाइन किया गया एक निःशुल्क और सुलभ पाठ्यक्रम है।

नागरिकों को इंडिया एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन को सीखने और जुड़ने के अवसर के रूप में लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है—प्रश्न तैयार करके, सत्रों में सक्रिय रूप से भाग लेकर और यह समझकर कि उत्पादकता, आजीविका और जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए एआई को जिम्मेदारी से कैसे अपनाया जा सकता है। शिखर सम्मेलन का उद्देश्य प्रतिभागियों को ज्ञान और दिशा प्रदान करना है ताकि वे आत्मविश्वास और स्पष्टता के साथ एआई-संचालित भविष्य का सामना कर सकें।

शिखर सम्मेलन के लिए पंजीकरण आधिकारिक वेबसाइट [www.impact.indiaai.gov.in] पर उपलब्ध है। उपस्थित लोगों को सलाह दी जाती है कि वे प्रक्रिया को पहले से ही पूरा कर लें।

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