राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के अंतर्गत एक ऐतिहासिक विकास में, एसआईजीएचटी योजना (मोड-2ए) के अंतर्गत हरित अमोनिया की खरीद के लिए एसईसीआई द्वारा आयोजित पहली नीलामी में 55.75 रुपये प्रति किलोग्राम की रिकॉर्ड निम्न कीमत प्राप्त हुई है।
इस अग्रणी नीलामी में पारादीप फॉस्फेट्स लिमिटेड, ओडिशा को प्रति वर्ष 75,000 मीट्रिक टन ग्रीन अमोनिया की आपूर्ति शामिल है। यह आगामी महीने में 13 नीलामियों की नियोजित श्रृंखला की पहली नीलामी है, जिसकी कुल खरीद क्षमता 7.24 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष है।
खोजी गई कीमत लगभग 641 अमरीकी डॉलर प्रति मीट्रिक टन है। यह 2024 में एच2ग्लोबल नीलामी में पहले खोजी गई कीमत 100.28 रुपये प्रति किलोग्राम (1,153 अमरीकी डॉलर प्रति मीट्रिक टन) से काफी कम है। ग्रे अमोनिया की कीमतें 515 अमरीकी डॉलर प्रति मीट्रिक टन (मार्च 2025 तक) तक पहुंचने के साथ, यह 10-वर्षीय निश्चित मूल्य बोली खरीदारों को अपनी स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण यात्रा शुरू करने के लिए मजबूत आर्थिक तर्क प्रदान करती है।
मध्यस्थ खरीदार के रूप में कार्य करते हुए एसईसीआई ने नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के मार्गदर्शन में उर्वरक विभाग और भाग लेने वाले खरीददारों के दृढ़ समर्थन से नीलामी का सफलतापूर्वक संचालन किया है।
यह मूल्य निर्धारण भारत की हरित हाइड्रोजन यात्रा में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। साथ ही हरित हाइड्रोजन उत्पादन का वैश्विक केंद्र बनने के देश के दृष्टिकोण को पुष्ट करता है। नीलामी में कड़ी प्रतिस्पर्धा देखी गई, जो भारत के हरित ऊर्जा परिवर्तन ढांचे में निवेशकों और डेवलपर्स के मज़बूत विश्वास को दर्शाती है।
मजबूत भुगतान सुरक्षा तंत्र के साथ, यह योजना मूल्य श्रृंखला में विश्वास को बढ़ाती है और ग्रीन अमोनिया तथा अन्य उत्पादों को बड़े पैमाने पर अपनाने में सक्षम बनाती है।
सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया है कि निर्वाचन आयोग के फॉर्म-6 में किसी भी बदलाव…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गी पाह्मलां के बीच आज नई दिल्ली में…
प्रोजेक्ट चीता के लिए एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर पार करते हुए, 32 महीने…
केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सरबानंद सोनोवाल ने आज डिब्रूगढ़ के बोगीबील टर्मिनल…
इटली के अखबार कोरिएरे देल्ला सेरा की रिपोर्ट के अनुसार, फ्लाईदुबई विमान के ओमानी सह-पायलट…
उत्तर प्रदेश में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने के बीच लखनऊ जिला प्रशासन ने राहत…