प्रयागराज में मौनी अमावस्या पर महाकुंभ का दूसरा अमृत स्नान चल रहा है। मौनी अमावस्या का धार्मिक दृष्टि से विशिष्ट महत्व है। इस दिवस पर अमृत स्नान अत्यंत पावन माना जाता है। 13 जनवरी से शुरू हुए महाकुंभ मेले में पहला अमृत स्नान मकर संक्रान्ति पर 14 जनवरी को संपन्न हुआ। महाकुंभ मेला विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक समागम है। 13 अखाड़ों में से प्रत्येक को स्नान के लिए निर्दिष्ट समय और क्रम दिया गया है।
महानिर्वाणी पंचायती अखाडा और शंभु पंचयाती अटल अखाड़ा ने आज सुबह त्रिवेणी संगम में सबसे पहले डुबकी लगाई। उत्तर प्रदेश सरकार ने सात स्तरीय पुख्ता सुरक्षा प्रबंध किये हैं और मेला क्षेत्र को वाहन रहित और वीआईपी रहित क्षेत्र घोषित किया है।
राज्य और केन्द्रीय पुलिस बल, यातायात पुलिस और विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम श्रद्धालुओं की मदद के लिए चौबीसों घंटे तैनात है।
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