फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (एफआईईओ) ने भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से आयोजित सोर्सएक्स इंडिया 2025 के तीसरे संस्करण का उद्घाटन 26 मार्च, 2025 को यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर, नई दिल्ली में किया गया। इस कार्यक्रम का आधिकारिक उद्घाटन भारत सरकार के विदेश व्यापार महानिदेशक (डीजीएफटी) संतोष कुमार सारंगी ने किया।
कार्यक्रम के दौरान संतोष कुमार सारंगी ने देश के विदेशी व्यापार, विशेष रूप से निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम को बढ़ावा देने में सोर्सएक्स इंडिया के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने मेक इन इंडिया, उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) जैसी विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं और पहलों के माध्यम से सोर्सिंग का समर्थन करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का उद्देश्य विनिर्माण प्रतिस्पर्धा को बढ़ाना, उन्नत तकनीकों को बढ़ावा देना और वैश्विक बाजारों में देश की स्थिति को मजबूत करना है।
संतोष कुमार सारंगी ने उत्पाद की गुणवत्ता और मानकीकरण में सुधार के लिए डिजिटलीकरण और व्यापार करने में आसानी की भूमिका पर बल दिया, जो भारतीय वस्तुओं की वैश्विक स्वीकृति बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने निर्यात को और बढ़ावा देने के लिए प्रमुख अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) के माध्यम से नए बाजारों में पहुंच के अवसरों का पता लगाने के लिए सरकार के चल रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया।
एफआईईओ के कार्यवाहक अध्यक्ष अश्विनी कुमार ने सोर्सएक्स इंडिया 2025 को एक ऐतिहासिक आयोजन बताया, जो उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों के अग्रणी वैश्विक आपूर्तिकर्ता के रूप में भारत की स्थिति को मजबूत करता है। उन्होंने भारतीय निर्यातकों और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के बीच सीधे जुड़ाव के महत्व पर जोर दिया और दुनिया भर में भारत के व्यापार को बढ़ाने में इस आयोजन की भूमिका पर प्रकाश डाला।
अफ्रीका, सीआईएस, ईयू, एलएसी, नाफ्टा, एनईए, ओशिनिया, एसए, एसईए और वाना जैसे क्षेत्रों सहित 45 से अधिक देशों के 150 से अधिक वैश्विक खरीदारों की भागीदारी के साथ, सोर्सएक्स इंडिया 2025 भारतीय निर्यातकों के लिए अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से जुड़ने का एक प्रमुख मंच है। इस कार्यक्रम में खाद्य और पेय पदार्थ, स्वास्थ्य और सौंदर्य, तेजी से बिकने वाली उपभोक्ता वस्तुएं और एफएमसीडी, परिधान, गृह सज्जा, ई-कॉमर्स सेवाएं और लॉजिस्टिक्स सहित विविध क्षेत्रों की भारतीय कंपनियों की भागीदारी है। इस कार्यक्रम में भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) कार्यालय द्वारा समर्थित देश भर के 10 राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता कारीगरों के काम को प्रदर्शित किया जाता है।
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