पतंजलि आयुर्वेद मामले में अपनी सुनवाई का दायरा बढ़ाते हुए उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को एफएमसीजी कंपनियों के भ्रामक विज्ञापनों पर कड़ा रुख अपनाया और तीन केंद्रीय मंत्रालयों से जनता के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने वाले इस तरह के चलन को रोकने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी मांगी।
योगगुरु रामदेव और उनके सहयोगी पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के बालकृष्ण ने न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की पीठ को बताया कि उन्होंने भ्रामक विज्ञापनों पर 67 समाचार पत्रों में बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगी है और वे अपनी गलतियों के लिए बिना शर्त माफी मांगते हुए अतिरिक्त विज्ञापन भी जारी करना चाहते हैं।
एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में आज भारत का सामना जापान से होगा। मोहाली…
अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान में आठ महीने से जारी…
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने देश में दवाओं की गुणवत्ता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने…
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड द्वारा डॉयचे बैंक एजी के कुछ…
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने सैफायर यूएस होल्डको (यूएसए), एलएलसी द्वारा जेंटारी रिन्यूएबल्स इंडिया प्राइवेट…
भारत-कनाडा रक्षा संवाद का पहला संस्करण 3 नवंबर, 2026 को वर्चुअल माध्यम से आयोजित किया…