सर्वोच्च न्यायालय ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग – सीसीआई के आदेश को चुनौती देने वाली मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक और व्हाट्सएप की याचिकाओं पर सुनवाई 23 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी। इस आदेश में गोपनीयता नीति संबंधी मुद्दों पर 213 करोड़ 14 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और एन.वी.अंजारिया की पीठ ने आज कंपनियों का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल के अस्वस्थ होने के कारण सुनवाई को स्थगित कर दिया।
सर्वोच्च न्यायालय ने 3 फरवरी को, मेटा और व्हाट्सएप की आलोचना करते हुए कहा था कि वह नागरिकों के निजता के अधिकार के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकती। न्यायालय ने कहा कि कंपनियां एकाधिकार बना रही हैं और निजी जानकारी का दुरुपयोग कर रही हैं।
ये अपील राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण – एनसीएलएटी के नवंबर 2025 के निर्णय के बाद दायर की गई हैं। निर्णय के अंतर्गत सीसीआई के उस आदेश के एक हिस्से को रद्द कर दिया गया था जिसमें व्हाट्सएप द्वारा विज्ञापन के लिए उपयोगकर्ताओं की जानकारी साझा करने पर प्रतिबंध लगाया गया था, लेकिन जुर्माना बरकरार रखा गया था। सर्वोच्च न्यायालय ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को भी पक्षकार बनाने का निर्देश दिया है। न्यायालय विज्ञापन उद्देश्यों के लिए डेटा साझा करने पर एनसीएलएटी के फैसले को चुनौती देने वाली सीसीआई की प्रतिवाद अपील पर विचार कर रहा है।
देश के सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर अक्टूबर में बढ़कर 4 महीने के उच्चतम स्तर…
नीति आयोग और ड्यूश गेसेलशाफ्ट एफयूआर इंटरनेशनेल जुसामेनरबीट (जीआईजेड) जीएमबीएच ने 3 नवंबर 2026 को…
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज वित्तीय वर्ष 2026-27 से…
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विशेष पॉक्सो न्यायालयों सहित फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालयों…
संगठनात्मक आवश्यकताओं और कार्यकारी/सामरिक दक्षता के उद्देश्य से किए गए एक वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन से यह…
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (टीआरएआई) ने आज 'नेटवर्क अनुभव प्लेटफॉर्म' का शुभारंभ किया है। यह…