भारत

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को EPFO वेतन सीमा संशोधन पर चार महीने के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया

सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन-ईपीएफओ को कर्मचारी भविष्य निधि योजना-ईपीएफएस के तहत वेतन सीमा में संशोधन पर चार महीने के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया है। पिछले 11 वर्षों से इसमें कोई परिवर्तन नहीं हुआ है।

न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और अतुल एस. चंदुरकर की पीठ ने एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए, ये निर्देश दिए। याचिका में कहा गया था कि वेतन सीमा में कोई बदलाव नही होने के कारण श्रमिकों का एक बड़ा वर्ग ईपीएफओ के दायरे से बाहर रह गया है। ईपीएफएस एक सामाजिक कल्याण योजना है, जिसका उद्देश्य संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत अधिवक्ता प्रणव सचदेवा और नेहा राठी द्वारा दायर याचिका में तर्क दिया गया कि प्रति माह 15 हजार रुपये की मौजूदा वेतन सीमा मनमानी और तर्कहीन है और विशेषज्ञ निकायों तथा संसदीय समितियों की बार–बार की सिफारिशों के बावजूद, इसका मुद्रास्फीति, न्यूनतम मजदूरी या प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि से कोई संबंध नहीं है।

Editor

Recent Posts

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने न्यूयॉर्क में कई उच्च स्तरीय व्यापार और निवेश बैठकें कीं

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने न्यूयॉर्क में कई उच्च स्तरीय व्यापार और…

10 घंटे ago

मौसम विभाग का जून में पूरे देश में सामान्य से कम वर्षा का अनुमान, कई राज्यों में लू की संभावना

मौसम विभाग ने जून से सितंबर के बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून के मौसम में देश भर…

11 घंटे ago

सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने देश के सभी उच्‍च न्‍यायालयों को फैसले सुरक्षित रखने के तीन महीने के भीतर उसे सुनाने के निर्देश दिए

सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने आज देश के सभी उच्‍च न्‍यायालयों को फैसले सुरक्षित रखने के तीन…

11 घंटे ago

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान (TOFEI) एप्लिकेशन के पायलट संस्करण का शुभारंभ किया

विश्व तंबाकू निषेध दिवस (डब्ल्यूएनटीडी) 2026 के अवसर पर पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने आज कर्तव्य…

12 घंटे ago