सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया है कि निर्वाचन आयोग के फॉर्म-6 में किसी भी बदलाव को अदालत ने मंजूरी नहीं दी है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने इसकी पुष्टि की। कोर्ट ने बदलाव से जुड़े दस्तावेज मंगाए हैं, ताकि पता चल सके कि ये बदलाव किसने किए।
मामला मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़ा है। जनहित याचिका में फॉर्म-6 में आवेदक के पूर्वजों और पिछले एसआईआर से जुड़े विवरण मांगने पर सवाल उठाए गए हैं। याचिका में निर्वाचन आयोग के सॉफ्टवेयर में बदलाव का भी आरोप लगाया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले में नोटिस जारी किया है और इसे इसी मुद्दे से जुड़ी दूसरी याचिका के साथ जोड़ दिया है। निर्वाचन आयोग ने पहले कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने मई 2026 के बिहार एसआईआर मामले में फॉर्म-6 के घोषणा पत्र को मंजूरी दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने अब स्पष्ट किया है कि फॉर्म-6 में बदलाव को उसकी मंजूरी नहीं मिली है।





