सर्वोच्च न्यायालय ने आज केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को नीट-यूजी पेपर लीक मामले के बाद सुधारों को लागू करने में हुई प्रगति पर एक विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक आराधे की पीठ ने नीट पेपर लीक मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि हलफनामे में केवल अस्थायी उपायों पर निर्भर रहने के बजाय सुधारों को संस्थागत रूप देने के लिए उठाए गए कदमों का स्पष्ट विवरण होना चाहिए। पीठ ने कहा कि वह इस मामले पर कड़ी निगरानी रखेगी और नियमित रूप से इसकी समीक्षा करती रहेगी। शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार से यह भी पूछा कि वह परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम में बदलने के लिए क्या कदम उठा रही है।
केंद्र सरकार की ओर से पेश भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने अदालत के समक्ष एक व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत करने के लिए कुछ और समय की मांग की। इसके बाद सर्वोच्च न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को निर्धारित कर दी।
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