सर्वोच्च न्यायालय ने डिजिटल अरेस्ट मामलें को गंभीरता से लेते हुए केंद्र और सीबीआई से जवाब मांगा है। सर्वोच्च न्यायालय ने ऐसे मामलों का स्वतः संज्ञान लिया है, जिनमें धोखेबाज़ कानून प्रवर्तन एजेंसियों या न्यायिक अधिकारियों का रूप धारण करके नागरिकों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों को ठगी का शिकार बनाते हैं। यह कार्रवाई हरियाणा के अंबाला की 73 वर्षीय महिला की शिकायत पर की गई। महिला ने कहा कि धोखेबाजों ने सर्वोच्च न्यायालय के जाली आदेशों का इस्तेमाल कर उसे तथाकथित डिजिटल अरेस्ट में फंसाया और एक करोड़ रुपये से अधिक की उगाही की।
भारत में धन-शोधन और वित्तीय अपराधों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की दिशा में…
भारत में धन शोधन और वित्तीय अपराधों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की दिशा…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली में ऑस्ट्रिया के चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर के…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले में हुई दुर्घटना पर गहरा दुख…
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ETC) प्रणाली में डेटा की सटीकता…
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार ने नई दिल्ली में ब्रिक्स स्वास्थ्य कार्य…