प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नियत भारतीय एयरलाइंस को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए एटीएफ की कीमतों में स्थिरता बनाए रखने में सहायता प्रदान करने हेतु तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) को 10,000 करोड़ रुपये तक की एकमुश्त बजटीय सहायता को मंजूरी दी है। यह बजटीय सहायता पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुदान अनुरोधों के माध्यम से ओएमसी को ब्याज-मुक्त अग्रिम के रूप में दी जाएगी। पश्चिम एशिया संकट के कारण ईंधन की कीमतों में अभूतपूर्व अस्थिरता के इस दौर में एयरलाइंस के लिए एटीएफ की स्थिर कीमतों को सुनिश्चित करने हेतु ओएमसी को यह सहायता प्रदान की जाएगी।
मूल्य स्थिरीकरण कोष के स्वीकृत प्रमुख घटक:
(i) ओएमसी को ब्याज मुक्त अग्रिम
नियत भारतीय एयरलाइंस के लिए एटीएफ की कीमतों को स्थिर करने में सहायता हेतु ओएमसी को ब्याज मुक्त अग्रिम के रूप में 10,000 करोड़ रुपये तक की एकमुश्त बजटीय सहायता प्रदान की जाएगी। यह राशि ओएमसी को अंतरराष्ट्रीय एटीएफ की बढ़ी हुई कीमतों से होने वाले नुकसान की भरपाई करेगी, जब भी प्रचलित आयात समता मूल्य अनुमोदित तंत्र के तहत निर्धारित बेंचमार्क मूल्य से अधिक हो जाता है।
(ii) पुनर्प्राप्ति और ट्रू-अप तंत्र
जब अंतरराष्ट्रीय एटीएफ की कीमतें स्थिर हो जाएंगी, तो अंतर राशि ओएमसी से वसूल की जाएगी और भारत की संचित निधि में वापस जमा की जाएगी। यह व्यवस्था तब तक जारी रहेगी जब तक कि पूरी सहायता राशि वसूल नहीं हो जाती और उसका निपटान नहीं हो जाता।
(iii) घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय परिचालनों का कवरेज
यह योजना घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों प्रकार की उड़ानों के लिए सभी इच्छुक भारतीय अनुसूचित एयरलाइनों के लिए उपलब्ध होगी।
(iv) तय एटीएफ मूल्य व्यवस्था
यह व्यवस्था घरेलू और अंतरराष्ट्रीय परिचालन के लिए एक तय मूल्य व्यवस्था अपनाकर ईंधन की लागत में अधिक पूर्वानुमान प्रदान करती है, जिससे एयरलाइन का ईंधन की कीमतों में अचानक होने वाली वृद्धि के प्रति जोखिम कम हो जाता है।
(v) ओएमसी को एटीएफ आपूर्ति के अनन्य अधिकार
यह व्यवस्था भाग लेने वाली भारतीय एयरलाइनों और ओएमसी के बीच एक समझौता ज्ञापन के माध्यम से लागू की जाएगी, जिस पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के हस्ताक्षर होंगे। इस एकमुश्त व्यवस्था के तहत, भाग लेने वाली एयरलाइनें अधिकतम तीन वर्षों तक केवल ओएमसी से एटीएफ की खरीद करेंगी, जिसकी वार्षिक समीक्षा की जाएगी या अग्रिम राशि की पूरी वसूली हो जाएगी, जो भी पहले हो।
(vi) निगरानी और लेखापरीक्षा
नागरिक उड्डयन मंत्रालय, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और व्यय विभाग के प्रतिनिधियों वाली एक निगरानी समिति कार्यान्वयन, दावों के सत्यापन, मिलान और निपटान की देखरेख करेगी। सभी दावों और वसूलियों की लेखापरीक्षा की जाएगी।
(vii) मूल्य स्थिरीकरण समर्थन की अवधि
एटीएफ मूल्य स्थिरीकरण सहायता छत्तीस महीने की अवधि के लिए लागू रहेगी, जिसमें वार्षिक समीक्षा का प्रावधान होगा या अग्रिम राशि की पूरी वसूली/निपटान होने तक, जो भी पहले हो। यदि इस अवधि के भीतर कोष का पूर्ण रूप से हिसाब नहीं हो पाता है, तो सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति से इस प्रस्ताव को छत्तीस महीने से आगे बढ़ाया जा सकता है।
अपेक्षित परिणाम:
मुख्य लाभ:
पृष्ठभूमि:
पश्चिम एशिया संकट के बाद वैश्विक एटीएफ कीमतों में अभूतपूर्व अस्थिरता के कारण विमानन क्षेत्र प्रभावित हुआ है।
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