उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को 4:1 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए असम में अवैध प्रवासियों को भारतीय नागरिकता देने संबंधी नागरिकता अधिनियम की धारा 6ए की संवैधानिक वैधता बरकरार रखी। प्रधान न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने कहा कि असम समझौता अवैध प्रवास की समस्या का राजनीतिक समाधान है।
प्रधान न्यायाधीश चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा ने बहुमत से दिए गए अपने फैसले में कहा कि संसद के पास इस प्रावधान को लागू करने की विधायी क्षमता है। न्यायमूर्ति पारदीवाला ने असहमति जताते हुए धारा 6ए को असंवैधानिक करार दिया।
उच्चतम न्यायालय के बहुमत के फैसले में कहा गया कि असम में प्रवेश और नागरिकता प्रदान करने के लिए 25 मार्च, 1971 तक की समय सीमा सही है। नागरिकता अधिनियम की धारा 6ए पर उच्चतम न्यायालय ने कहा कि किसी राज्य में विभिन्न जातीय समूहों की उपस्थिति का मतलब अनुच्छेद 29(1) का उल्लंघन कदापि नहीं है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की आतंकवाद निगरानी टीम ने दिल्ली के लाल किले के…
महाराष्ट्र: नांदेड़ गुरुद्वारे के अंदर पंजाब के पूर्व डिप्टी CM सुखबीर सिंह बादल पर एक…
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज नई दिल्ली में प्रतिष्ठित कलाकारों को वर्ष 2024 और 2025…
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राजस्थान और तेलंगाना के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि…
राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (एनबीए) ने मैसर्स पायनियर ओवरसीज कॉर्पोरेशन से 15.52 करोड़ रुपये की…
संसद का मानसून सत्र, 2026, जो सोमवार, 20 जुलाई, 2026 से शुरू हुआ था, गुरुवार,…