केंद्र सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के तहत एक सांविधिक निकाय, प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (टीडीबी) ने “लकड़ी और प्लास्टिक अपशिष्ट का उपयोग करके थोक परिवहन और भंडारण के लिए पैकेजिंग सहायक उपकरण के विनिर्माण हेतु व्यावसायिक प्रस्ताव” शीर्षक वाली अपनी अभिनव परियोजना के व्यावसायीकरण का समर्थन करने के लिए हैदराबाद स्थित मेसर्स ईजीईई पैलेट प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
कंपनी, ईजीईई पैलेट ब्रांड नाम के तहत, पर्यावरण के प्रति ज़िम्मेदार प्रथाओं के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाले, पुन: प्रयोज्य पैकेजिंग समाधान जैसे पैलेट, क्रेट और बक्से का उत्पादन करना चाहती है। लकड़ी और प्लास्टिक कचरे को कच्चे माल के रूप में एकीकृत करके यह परियोजना दोहरे उद्देश्य को संबोधित करती है – स्थायी बुनियादी रसद ढांचे को आगे बढ़ाना और चक्री अर्थव्यवस्था सिद्धांतों को बढ़ावा देना।
ईजीपीपीएल के मानकीकृत और स्वचालन-संगत पैलेट डिजाइन फार्मास्यूटिकल्स, ब्रुअरीज और लॉजिस्टिक्स सहित उद्योगों की जरूरतों को पूरा करते हैं, जो कुशल सामग्री हैंडलिंग, अंतर्राष्ट्रीय शिपमेंट अनुपालन और बेहतर गोदाम प्रबंधन को सक्षम करते है।
ऋण समझौते पर टीडीबी के वरिष्ठ अधिकारियों और कंपनी के प्रमोटरों की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए।
इस अवसर पर बोलते हुए टीडीबी के सचिव राजेश कुमार पाठक ने कहा, “टीडीबी भारतीय उद्योगों को पर्यावरण-जागरूक विनिर्माण मॉडल विकसित करने में सक्षम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। ईजीईई पैलेट प्राइवेट लिमिटेड के साथ यह भागीदारी राष्ट्रीय स्थिरता और रसद लक्ष्यों के अनुरूप स्केलेबल, अपशिष्ट-उपयोग समाधानों के लिए हमारे समर्थन को दर्शाती है।”
मेसर्स ईजीईई पैलेट प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटरों ने अपना आभार प्रकट करते हुए कहा: “टीडीबी का समर्थन स्थायी नवाचार में हमारे विश्वास की एक मजबूत पुष्टि है। इस समर्थन के साथ हम ऐसे पैकेजिंग समाधान बनाने के लिए आश्वस्त हैं, जो न केवल लागत प्रभावी और टिकाऊ हैं, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी भी हैं।”
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