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भारत-कनाडा व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते के लिए संदर्भ शर्तों पर हस्ताक्षर किए गए

भारत और कनाडा ने आज नई दिल्ली में व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) के लिए वार्ता शुरू की और इसे जल्द अंतिम रूप देने का निर्णय लिया। भारत-कनाडा व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) के संदर्भ की शर्तों (टीओआर) पर दो मार्च 2026 को भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और कनाडा के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू ने हस्ताक्षर किए तथा नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की उपस्थिति में इन दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया गया।

समारोह के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात का उल्लेख किया कि द्विपक्षीय व्यापार को वर्ष 2030 तक 50 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता आर्थिक सहयोग की पूर्ण संभावनाओं को साकार करना है, जिसके लिए भारत और कनाडा ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) को शीघ्र अंतिम रूप देने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री कार्नी ने कहा कि यह एक मूल्यवान साझेदारी का विस्तार है, जिसमें नई महत्वाकांक्षा, स्पष्ट लक्ष्य और दूरदर्शिता शामिल साथ ही, यह दो आत्मविश्वासी देशों के बीच ऐसी साझेदारी है जो अपने भविष्य की दिशा स्वयं निर्धारित कर रहे हैं।

भारत–कनाडा व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) के लिए वार्ताओं की संदर्भ शर्तें (टीओआर) वार्ता की संरचना, आवृत्ति और कार्यप्रणाली निर्धारित करेंगी। ये संदर्भ शर्तें एक महत्वाकांक्षी, संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) को संपन्न करने के उद्देश्य से वार्ताओं को सुगम बनाने हेतु मार्गदर्शक के रूप में कार्य करेंगी।

अक्टूबर 2025 में कनाडा के कनानास्किस में आयोजित जी7 बैठक से इतर हुई द्विपक्षीय वार्ता के दौरान दोनो देशों के नेताओं द्वारा दिए गए वक्तव्य के अनुपालन में दोनों पक्षों ने भारत-कनाडा सीईपीए की बातचीत के लिए टीओआर को अंतिम रूप देने की दिशा में काम करना शुरू कर दिया।

इन वार्ताओं में वस्तुओं, सेवाओं और पारस्परिक रूप से सहमति के अन्य नीतिगत क्षेत्रों में व्यापार शामिल होगा।

कनाडा 2025 तक 4.165 करोड़ लोगों का बाजार और पीपीपी के के आधार 2340 अरब अमेरिकी डॉलर का जीडीपी बाजार प्रस्तुत करता है। सीईपीए में द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने और विस्तारित करने की महत्वपूर्ण क्षमता है, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 8.66 अरब अमेरिकी डॉलर (निर्यात: 4.22 अरब अमेरिकी डॉलर; आयात: 4.44 अरब अमेरिकी डॉलर) था। (स्रोत: डीजीसीआई एवं एस)

भारत से कनाडा को निर्यात की जाने वाली प्रमुख वस्तुओं में दवाएं और फार्मास्यूटिकल्स, लोहा और इस्पात, समुद्री भोजन, सूती वस्त्र, इलेक्ट्रॉनिक सामान और रसायन आदि शामिल हैं। भारत द्वारा कनाडा से आयात की जाने वाली प्रमुख वस्तुओं में दाल, मोती और अर्ध-कीमती पत्थर, कोयला, उर्वरक, कागज और कच्चा पेट्रोलियम शामिल हैं।

भारत द्वारा कनाडा को निर्यात की जाने वाली सेवाओं के प्रमुख क्षेत्रों में दूरसंचार, कंप्यूटर और सूचना सेवाएं और अन्य व्यावसायिक सेवाएं शामिल हैं। इन क्षेत्रों में भविष्य में विकास की अपार संभावनाएं हैं और सीईपीए के संपन्न होने के बाद इनमें और विस्तार होने की उम्मीद है।

कनाडा में 425,000 से अधिक भारतीय छात्र और एक मजबूत भारतीय समुदाय भी रहता है। भारत-कनाडा के बीच जन संबंध ‘‘एक परिवार’’ की तरह है और सीईपीए के संपन्न होने से दोनों देशों के बीच ये जनसंबंध और मजबूत होगा।

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