भारत

NDA ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सर्वसम्मति से अपना नेता चुने जाने के साथ ही केन्‍द्र में नई सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू

राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सर्वसम्मति से अपना नेता चुने जाने के साथ ही केन्‍द्र में नई सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एनडीए नेताओं की कल नई दिल्ली में हुई बैठक में पारित एक प्रस्‍ताव में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार के कार्यकाल में पिछले दस वर्षों में भारत ने हर क्षेत्र में सर्वांगीण विकास किया है। प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि देश की जनता ने छह दशकों के बाद लगातार तीसरी बार पूर्ण बहुमत के साथ एक मजबूत नेतृत्व चुना है।

इस अवसर पर नरेंद्र मोदी ने कहा कि लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के लिए यह एक ऐतिहासिक जनादेश है।

बैठक के दौरान सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि एनडीए सरकार देश के सर्वांगीण विकास की दिशा में काम करती रहेगी। एनडीए के सहयोगियों ने कहा कि नरेंद्र मोदी के पास विकसित भारत के लिए एक स्पष्ट दृष्टिकोण है। नेताओं ने दुनिया में भारत का गौरव बढ़ाने में उनकी भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने गरीबी उन्मूलन की दिशा में नरेंद्र मोदी के प्रयास की भी प्रसंशा की।

बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के अलावा भारतीय जनता पार्टी के अध्‍यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, राजनाथ सिंह और अमित शाह शामिल हुए। तेलुगु देशम पार्टी के प्रमुख, एन चंद्रबाबू नायडू, जनता दल (यूनाइटेड) प्रमुख और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, शिव सेना नेता और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास गुट) के प्रमुख चिराग पासवान, अपना दल की नेता अनुप्रिया पटेल भी बैठक में शामिल थीं। इसके अलावा राष्‍ट्रीय लोकदल प्रमुख जयंत चौधरी, जनता दल (सेक्‍युलर) नेता एचडी कुमारस्वामी, हिंदुस्तानी अवामी मोर्चा प्रमुख जीतन राम मांझी, जन सेना पार्टी के नेता पवन कल्याण और अन्‍य सहयोगी दलों के नेता उपस्थित थे।

उधर, आई एन डी आई गठबंधन के सहयोगियों ने केन्‍द्र में सरकार बनाने की रणनीति तय करने के लिए कल नई दिल्‍ली में बैठक की। यह बैठक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आधिकारिक आवास पर हुई।

बैठक के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि जनादेश प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के खिलाफ आया है। उन्‍होंने कहा कि यह नरेन्‍द्र मोदी के लिए भारी राजनीतिक क्षति और नैतिक हार है।

बैठक में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, राष्‍ट्रीय जनता दल के तेजस्वी यादव, मार्क्‍सवादी कम्‍युनिस्‍ट पार्टी के नेता सीताराम येचुरी, भारतीय कम्‍युनिस्‍ट पार्टी के नेता डी. राजा, राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) गुट के प्रमुख शरद पवार, डीएमके प्रमुख एम के स्टालिन और अन्‍य नेता शामिल हुए।

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