ईरान के ड्रोन हमले के बाद कल फुजैराह तेल उद्योग क्षेत्र में भीषण आग लग गई। पिछले महीने युद्धविराम लागू होने के बाद से संयुक्त अरब अमीरात पर यह पहला हमला है जिसमें भारी नुकसान हुआ है। इस हमले में तीन भारतीय नागरिकों को मामूली चोटें आईं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सोमवार के हमलों ने 8 अप्रैल को अमरीका और ईरान के बीच युद्धविराम लागू होने के बाद से हफ्तों से बनी शांति को भंग कर दिया। ईरान ने इस कदम को खारिज करते हुए चेतावनी दी कि जलमार्ग में प्रवेश करने वाली प्रत्येक जहाज पर हमला किया जाएगा। इसी पृष्ठभूमि में, ईरानी ड्रोन और मिसाइलों ने संयुक्त अरब अमीरात को निशाना बनाया, जिससे फुजैराह में एक प्रमुख तेल संयंत्र में आग लग गई। एक वरिष्ठ ईरानी सैन्य अधिकारी ने सरकारी टेलीविजन पर कहा कि ईरान की संयुक्त अरब अमीरात को निशाना बनाने की कोई योजना नहीं है।
इस बीच, संयुक्त अरब अमीरात ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में इन हमलों को हिंसा और अंतरराष्ट्रीय कानून तथा संयुक्त राष्ट्र चार्टर का स्पष्ट उल्लंघन बताया है और चेतावनी दी है कि ये देश की सुरक्षा और स्थिरता के लिए सीधा खतरा हैं। फुजैराह पर ड्रोन हमलों की ये खबरें ऐसे समय में आई हैं जब अमरीका और तेहरान के बीच युद्धविराम वार्ता ठप पड़ी है।
अमरीका और ईरान के बीच नई चेतावनियों और सैन्य कार्रवाई के दावों के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ता जा रहा है। अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान अमरीका के जहाजों को निशाना बनाता है तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
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