आज विश्व धरोहर दिवस है। यह दिन सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत की विविधता, संवेदनशीलता और महत्व के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देता है।
विश्व धरोहर दिवस का उद्देश्य विश्व के धरोहर स्थलों के संरक्षण और सुरक्षा के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना है। ये स्थल केवल किसी एक देश की संपत्ति नहीं होते, बल्कि पूरी मानवता की साझा धरोहर होते हैं। भारत में भी अनेक विश्व धरोहर स्थल हैं, जैसे ताजमहल, कुतुब मीनार, खजुराहो के मंदिर, हम्पी के स्मारक, अजंता-एलोरा की गुफाएँ, सुंदरबन डेल्टा और कितना ही कुछ…ये स्थल हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक गौरव का प्रतीक हैं। भारत की सांस्कृतिक विरासत, स्मारकों, पुरावशेषों, पांडुलिपियों और ऐतिहासिक स्थलों से सुशोभित है। इनके संरक्षण के लिए पिछले दशक में नए सिरे से काम किया जा रहा है। इस कड़ी में पर्यटन, स्थानीय आजीविका और सांस्कृतिक से जुड़ी पहलें शुरू की गई हैं। विश्व धरोहर दिवस हमें यह संदेश देता है कि हमें अपनी सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को संजोकर रखना चाहिए।
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