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ट्राई ने एक्सेस सर्विस प्रोवाइडर्स से स्पैम कॉल करने वाले अपंजीकृत प्रेषकों या टेलीमार्केटर्स के सभी दूरसंचार संसाधनों को डिस्कनेक्ट करने को कहा

स्पैम कॉल की बढ़ती संख्या को रोकने के लिए एक बड़े कदम के रूप में, भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने सभी एक्सेस सर्विस प्रोवाइडर्स को एसआईपी/पीआरआई या अन्य दूरसंचार संसाधनों का उपयोग करने वाले सभी अपंजीकृत प्रेषकों या टेलीमार्केटर्स (यूटीएम) के वॉयस प्रमोशनल कॉल को रोकने का आदेश दिया है, चाहे वे पहले से रिकॉर्ड किए गए हों या कंप्यूटर जनरेटेड हों या अन्य। यह कदम टेलीकॉम कमर्शियल कम्युनिकेशन कस्टमर प्रेफरेंस रेगुलेशन, 2018 (टीसीसीसीपीआर-2018) के तहत उठाया गया है।

एक्सेस सर्विस प्रोवाइडर्स को जारी किए गए निर्देश निम्नलिखित हैं:

(अ) टेलीकॉम संसाधनों (एसआईपी/पीआरआई/अन्य दूरसंचार संसाधनों) का उपयोग करने वाले अपंजीकृत प्रेषकों/अपंजीकृत टेलीमार्केटर्स (यूटीएम) से सभी प्रमोशनल वॉयस कॉल तुरंत रोक दिए जाएंगे;

(ब) यदि कोई अपंजीकृत प्रेषक/अपंजीकृत टेलीमार्केटर (यूटीएम) विनियमों का उल्लंघन करते हुए अपने दूरसंचार संसाधनों (एसआईपी/पीआरआई/अन्य दूरसंचार संसाधनों) का दुरुपयोग कर वाणिज्यिक वॉयस कॉल करता हुआ पाया जाता है और उसके खिलाफ उपभोक्ताओं की ओर से शिकायत प्राप्त होती है, ऐसे में–

  1. ऐसे प्रेषक के सभी दूरसंचार संसाधनों को विनियमन 25 के प्रावधानों के अनुसार मूल पहुंच प्रदाता (ओएपी) द्वारा दो वर्ष तक की अवधि के लिए काट दिया जाएगा;
  2. ऐसे प्रेषक को विनियमों के प्रावधानों के अनुसार दो वर्ष तक की अवधि के लिए ओएपी द्वारा काली सूची में डाल दिया जाएगा;
  3. प्रेषक को काली सूची में डालने की सूचना ओएपी द्वारा 24 घंटे के भीतर डीएलटी प्लेटफॉर्म पर अन्य सभी पहुंच प्रदाताओं के साथ साझा की जाएगी, जो बदले में, अगले 24 घंटों के भीतर उस प्रेषक को उनके द्वारा दिए गए सभी दूरसंचार संसाधनों को काट देंगे;
  4. विनियमों में दिए गए प्रावधान के अनुसार काली सूची में डालने की अवधि के दौरान किसी भी पहुंच प्रदाता द्वारा ऐसे प्रेषक को कोई नया दूरसंचार संसाधन आवंटित नहीं किया जाएगा;
  5. नागरिकों को वाणिज्यिक वॉयस कॉल करने के लिए एसआईपी/पीआरआई/अन्य दूरसंचार संसाधनों का उपयोग करने वाले सभी अपंजीकृत प्रेषक/अपंजीकृत टेलीमार्केटर्स (यूटीएम) को इस निर्देश के जारी होने के एक महीने के भीतर डीएलटी प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित कर दिया जाएगा और उसके बाद सात दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी;
  6. सभी एक्सेस प्रदाताओं को इन निर्देशों का अनुपालन करने और हर महीने की पहली और 16 तारीख को की गई कार्रवाई पर नियमित अपडेट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।

ट्राई द्वारा की गई इस निर्णायक कार्रवाई से स्पैम कॉल में उल्लेखनीय कमी आने और उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।

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