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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सिविल एन्क्लेव के बृहत् विस्तार को मंजूरी दी

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने आज श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर प्रस्तावित 1,677 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से सिविल एन्क्लेव के विकास को मंजूरी दे दी है। यह कश्मीर घाटी में विमानन अवसंरचना और कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। परियोजना के दायरे में सुरक्षा कर्मियों के लिए बैरकों का निर्माण भी शामिल है। भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के बडगाम एयरबेस के तहत भारतीय विमानन प्राधिकरण द्वारा प्रचालित, 2005 में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में नामित यह हवाई अड्डा श्रीनगर शहर से लगभग 12 किलोमीटर दूर स्थित है।

73.18 एकड़ में फैले नई सिविल एन्क्लेव परियोजना में 71,500 वर्ग मीटर (विद्यमान ढांचे के 20,659 वर्ग मीटर सहित) में फैला एक अत्याधुनिक टर्मिनल भवन होगा, जिसे व्यस्ततम समय में 2,900 यात्रियों की सेवा और प्रति वर्ष 10 मिलियन यात्रियों (एमपीपीए) की वार्षिक क्षमता के लिए डिज़ाइन किया गया है। विस्तारित एप्रॉन में 15 विमान पार्किंग बे होंगे, जिनमें 1 वाइडबॉडी (कोड ई) विमान (9 विद्यमान और 6 प्रस्तावित) शामिल हैं, जबकि 3,658 मीटर x 45 मीटर का रनवे भारतीय वायु सेना द्वारा प्रचालित किया जाता रहेगा। इस परियोजना में 1,000 कारों के लिए मल्‍टी-लेवल कार पार्किंग सुविधा का निर्माण भी शामिल होगा।

वास्तुशिल्प की दृष्टि से, नया टर्मिनल आधुनिक डिजाइन और कश्मीर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का एक सामंजस्यपूर्ण मिश्रण दर्शाएगा, जिसमें लकड़ी की जटिल कारीगरी और स्थानीय रूप से प्रेरित शिल्प कौशल जैसे पारंपरिक तत्वों को शामिल किया जाएगा। इसके साथ-साथ ही सुव्यवस्थित यात्री प्रसंस्करण क्षेत्रों, विशाल लाउंज और उन्नत सुरक्षा एवं चेक-इन सुविधाओं के माध्यम से प्रचालनगत दक्षता को बनाए रखा जाएगा।

स्‍थायित्‍व इस परियोजना का एक प्रमुख आधार है, जिसमें उन्नत जल संचयन प्रणाली, ऊर्जा खपत कम करने के लिए प्राकृतिक प्रकाश का अधिकतम उपयोग और कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पर्यावरण-अनुकूल सामग्रियों का उपयोग जैसी विशेषताएं शामिल हैं। इस परियोजना का लक्ष्य प्रतिष्ठित 5-स्टार जीआरआईएचए रेटिंग प्राप्त करना है।

अवसंरचना में सुधार के अतिरिक्‍त, इस परियोजना से डल झील, शंकरचार्य मंदिर और मुगल गार्डन जैसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों से बेहतर संपर्क स्थापित करके पर्यटन और आर्थिक विकास को उल्‍लेखनीय रूप से प्रोत्‍साहन मिलने की उम्मीद है। इससे रोजगार के अवसर सृजित होंगे, निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और श्रीनगर एक प्रमुख पर्यटन और आर्थिक केंद्र के रूप में अपनी स्थिति मजबूत करेगा। इस प्रकार, सिविल एन्क्लेव का विकास विश्व स्तरीय अवसंरचना के निर्माण, यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाओं और बढ़े हुए संपर्क की दिशा में एक परिवर्तनकारी कदम है, जो कश्मीर की सांस्कृतिक और प्राकृतिक सुंदरता को विश्व के सामने प्रदर्शित करेगा।

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