केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामले मंत्री प्रल्हाद जोशी ने नई दिल्ली में भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) की शासी परिषद की 9वीं बैठक की अध्यक्षता की। प्रल्हाद जोशी भारतीय मानक ब्यूरो की शासी परिषद के पदेन अध्यक्ष हैं।
केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने अध्यक्षीय भाषण के दौरान कहा कि बीआईएस द्वारा देश के 371 जिलों को आभूषणों की अनिवार्य हॉलमार्किंग योजना के अंतर्गत लाया गया है। इससे उपभोक्ताओं को गुणवत्ता का आश्वासन मिला है। उन्होंने निर्देश दिया कि आने वाले वर्ष में और भी जिले इसमें जोड़े जाएं। उन्होंने उद्योग और अन्य हितधारकों को बीआईएस की पहलों के बारे में अधिक जागरूक बनाने पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने विभिन्न उत्पादों और सेवाओं के लिए भारतीय मानकों के महत्व पर भी जोर दिया और विभिन्न क्षेत्रों में 23798 भारतीय मानकों के निर्माण के साथ बीआईएस की महत्वपूर्ण उपलब्धियों की सराहना की।
प्रल्हाद जोशी ने विभिन्न मंत्रालयों/विभागों को क्यूसीओ की संख्या 2014 के 14 से बढ़ाकर आज 191 करने में बीआईएस द्वारा प्रदान किए गए सहयोग का उल्लेख किया, जिसमें दो क्षैतिज क्यूसीओ के साथ 774 उत्पाद शामिल हैं, जो उपभोक्ताओं की सुरक्षा में योगदान देगा।
उन्होंने गुणवत्तापूर्ण पारिस्थितिकी प्रणाली को प्रोत्साहन देने में बीआईएस के योगदान पर प्रकाश डाला। प्रल्हाद जोशी ने कहा कि बीआईएस एक नियामक से कहीं अधिक है और उन्होंने ब्यूरो से उद्योग के अनुकूल दृष्टिकोण अपनाकर और स्वैच्छिक आधार पर बीआईएस चिह्न को अपनाने को प्रोत्साहन देकर एक सुविधाकर्ता के रूप में कार्य करने का आग्रह किया। इस बात की सराहना करते हुए कि प्रयोगशालाओं ने 2024-25 में 2.5 लाख से अधिक नमूनों का प्रसंस्करण किया, उन्होंने यह भी कहा कि बीआईएस को नमूना परीक्षण और प्रमाणन जारी करने में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ठोस प्रयास करने चाहिए।
उन्होंने एमएसएमई क्षेत्र के साथ अधिक से अधिक जुड़ाव की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि इन छोटी इकाइयों को सहारा मिल सके और तकनीकी नियमों के अनुपालन के लिए उनकी तैयारी सुनिश्चित हो सके। बीआईएस के शाखा कार्यालयों के स्तर पर मानक मंथन और मानक संवाद जैसी पहलों की सराहना करते हुए उन्होंने उद्योग के साथ अधिक घनिष्ठ जुड़ाव, पहुंच और छोटे उद्योगों के सामने आने वाली किसी भी समस्या के त्वरित निवारण पर जोर दिया। नियामक प्रणाली को मजबूत करने के लिए उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बीआईएस को किसी भी तरह की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं करना चाहिए।
एयरोस्पेस घटकों, सौर पीवी मॉड्यूल, जैविक खाद्य और उच्च-वोल्टेज उपकरणों जैसे क्षेत्रों में परीक्षण क्षमता को मजबूत करने के लिए 78 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को अनुमति देते हुए उन्होंने वृद्धि करती अर्थव्यवस्था की मांगों को पूरा करने के लिए देश में परीक्षण संबंधी बुनियादी ढांचे को प्रोत्साहन देने की आवश्यकता जताई। उन्होंने बताया कि ये सभी समग्र प्रयास भारत को मानकीकरण में वैश्विक नेता के रूप में स्थापित करने में सहायता करेंगे।
बैठक के दौरान शासी परिषद के सदस्य आंध्र प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, गुजरात और असम के मंत्री भी उपस्थित थे। बैठक में उपभोक्ता मामले विभाग की सचिव निधि खरे और विभाग तथा बीआईएस के वरिष्ठ अधिकारी भी सम्मिलित हुए। बैठक में बीआईएस ने मानकीकरण, प्रमाणन और प्रयोगशाला गतिविधियों की अपनी प्रमुख गतिविधियों पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
बीआईएस ने शासी परिषद के समक्ष वर्ष 2025-26 के लिए मानकीकरण (एपीएस), प्रयोगशाला गतिविधियों और अनुरूपता मूल्यांकन पर वार्षिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया।
बीआईएस ने बताया कि भारत 08 से 19 सितंबर 2025 तक नई दिल्ली में आईईसी आम बैठक के 89वें संस्करण की मेजबानी कर रहा है, जिसमें 150 से अधिक देशों के 1500 से अधिक प्रतिभागियों के भाग लेने की आशा है। इसमें प्रबंधन बैठकों, तकनीकी समिति की बैठकों, कार्यशालाओं, प्रदर्शनी और अन्य कार्यक्रमों की एक श्रृंखला आयोजित की जाएगी।
शासी परिषद ने प्रमुख विकास कार्य और उपलब्धियों की समीक्षा की और बीआईएस की रणनीतिक पहलों के लिए भविष्य की कार्ययोजना का समर्थन किया,
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