केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने आज जम्मू-कश्मीर के अवंतिपोरा स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान -एम्स, अवंतिपोरा के निर्माण कार्य और संस्थान जल्द संचालित किए जाने की प्रगति की समीक्षा की। जेपी नड्डा ने बुनियादी ढांचे के विकास, चिकित्सा उपकरणों और फर्नीचर की खरीद, संकाय सदस्यों तथा अन्य कर्मचारियों की भर्ती और संस्थान में चिकित्सा और शैक्षणिक गतिविधियां आरंभ किए जाने की तैयारियों का आकलन किया।
समीक्षा के दौरान जेपी नड्डा को बताया गया कि एम्स अवंतिपोरा का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है और सभी प्रमुख भवन निर्मित कर लिए गए है। जेपी नड्डा ने स्थल की दुर्गम भौगोलिक स्थितियों और अन्य बाधाओं के बावजूद परियोजना आगे बढ़ाने में केंद्रीय लोक निर्माण विभाग तथा सभी संबंधित एजेंसियों और हितधारकों के समर्पित प्रयासों की सराहना की। उन्होंने एम्स अवंतिपोरा को प्राथमिकता वाली परियोजना बताते हुए संबंधित एजेंसियों को शेष निर्माण कार्य मार्च 2027 तक पूरा करने के निर्देश दिए।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने निर्माण कार्यों और उन्हें चरणबद्ध सौंपे जाने की समीक्षा की। उन्हें प्रथम चरण में ओपीडी पंजीकरण ब्लॉक, ओपीडी ब्लॉक, आवासीय भवन और निर्धारित छात्रावास के निर्माण कार्य पूर्ण होने की जानकारी दी गई। इन भवनों के परिसंपत्ति सत्यापन और औपचारिक हस्तांतरण की प्रक्रिया जारी है। शेष शैक्षणिक, प्रशासनिक, अस्पताल, आवासीय और छात्रावासों का निर्माण चरणबद्ध तरीके से चल रहा है।
जेपी नड्डा ने संस्थान जल्द संचालित किए जाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास और चिकित्सा उपकरणों की खरीद से जुड़ी एक सरकारी कंपनी -एचएलएल इंफ्रा टेक सर्विसेज लिमिटेड और एम्स अवंतिपोरा के कार्यकारी निदेशक को आपसी समन्वय के साथ काम करने तथा चिकित्सा उपकरणों, ओपीडी उपकरणों, प्रयोगशाला उपकरणों और चिकित्सा एवं प्रशासनिक फर्नीचर की खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने ओपीडी सेवाएं शुरू करने के लिए आवश्यक सभी खरीद कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा।
जेपी नड्डा को अवगत कराया गया कि 59.41 करोड़ रुपये की लागत के 180 चिकित्सा उपकरणों की खरीद को मंजूरी दी गई है, जिनमें से 140 उपकरणों के लिए स्वीकृति पत्र जारी किए जा चुके हैं। ओपीडी उपकरणों, प्रयोगशाला फर्नीचर तथा चिकित्सा एवं प्रशासनिक फर्नीचर की खरीद प्रक्रियाएं भी विभिन्न चरणों में हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने चिकित्सा सेवा आरंभ करने की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने उपकरणों, जांच सुविधाओं, मानव संसाधन तथा अन्य परिचालन आवश्यकताओं सहित सभी जरूरी व्यवस्थाएं पहले से पूरी करने के निर्देश दिए। एम्स अवंतिपोरा में ओपीडी सेवा दिसंबर 2026 से पहले आरंभ करने का लक्ष्य है। आवश्यक बुनियादी ढांचे और परिचालन व्यवस्था पूरी होने पर आईपीडी सेवाएं (अस्पतालों में मरीजों के भर्ती होकर इलाज कराने की सेवा से संबंधित अंतः रोगी विभाग) जुलाई 2027 में आरंभ किया जाना प्रस्तावित है। एमबीबीएस कक्षाएं शुरू करने सहित शैक्षणिक सत्र जून-जुलाई 2027 से शुरू करने का प्रस्ताव है।
अस्पताल में कर्मचारियों की भर्ती की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने इस प्रक्रिया को तेजी से बढ़ाने में कार्यकारी निदेशक और संस्थान की टीम के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने योग्य संकाय सदस्यों की जल्द से जल्द उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भर्ती प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया। उन्होंने गैर-संकाय पदों पर भर्ती और ओपीडी तथा अन्य सेवाएं आरंभ करने के लिए आवश्यक कर्मचारियों की नियुक्ति में भी तेजी लाने पर जोर दिया।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने ओपीडी और संबंधित सेवाएं आरंभ करने के लिए आवश्यक कर्मचारियों की नियुक्ति को पहले ही मंजूरी दे दी है। इनमें अस्पताल परिचारक, हाउसकीपिंग एवं स्वच्छता कर्मचारी और सुरक्षा कर्मचारी शामिल हैं। प्रस्तावित जन संसाधन व्यवस्था के तहत विभिन्न श्रेणियों में कुल 652 पद शामिल हैं, जिनमें 150 पद सुरक्षा कर्मियों के हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने संस्थागत तैयारियों और सहायक व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। इनमें परिसर की सुरक्षा, परिवहन संपर्क, वेबसाइट विकसित करना और परिचालन साझेदारियां शामिल हैं। उन्होंने एम्स अवंतिपोरा, केंद्रीय लोक निर्माण विभाग -सीपीडब्ल्यूडी, एचएलएल इंफ्राटेक सर्विसेज लिमिटेड -एचआईटीईएस और स्थानीय प्रशासन के बीच प्रभावी तालमेल पर भी जोर दिया, ताकि सुरक्षा और अन्य परिचालन आवश्यकताएं पूरी कर संस्थान का सुचारु संचालन सुनिश्चित हो सके।
जेपी नड्डा ने देशभर में स्वास्थ्य सेवा बुनियादी ढांचे सुदृढ़ बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि एम्स अवंतिपोरा का निर्माण कार्य समय पर पूरा कर उसका संचालन आरंभ करने से जम्मू-कश्मीर में लोगों को गुणवत्तापूर्ण तृतीयक स्वास्थ्य सेवा (गंभीर, जटिल या दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए उन्नत और विशिष्ट सेवा) तथा विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। जेपी नड्डा ने कहा कि सभी के लिए सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप यह संस्थान चिकित्सा शिक्षा को भी मजबूत बनाएगा और इस क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवा क्षमता विकास में योगदान देगा।
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