कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने समोसा, जलेबी और लड्डू जैसे खाद्य उत्पादों पर चेतावनी लेबल जारी करने का निर्देश दिया है। ये मीडिया रिपोर्ट्स भ्रामक, गलत और निराधार हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कार्यस्थलों पर स्वास्थ्यवर्धक विकल्प चुनने के लिए परामर्श जारी किया है। इसमें विभिन्न कार्यस्थलों जैसे लॉबी, कैंटीन, कैफेटेरिया, मीटिंग रूम आदि में बोर्ड लगाने की सलाह दी गई है ताकि विभिन्न खाद्य पदार्थों में मौजूद अतिरिक्त वसा और चीनी के सेवन से होने वाले हानिकारक परिणामों के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सके। ये बोर्ड देश में तेजी से बढ़ रही मोटापे की समस्या से बचने का संदेश देते हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय के परामर्श में विक्रेताओं को बेचे जाने वाले खाद्य उत्पादों पर चेतावनी लेबल लगाने का निर्देश नहीं दिया गया है और यह भारतीय स्नैक्स और समृद्ध स्ट्रीट फ़ूड संस्कृति को लक्षित नहीं करता है।
यह सामान्य परामर्श लोगों को सभी खाद्य उत्पादों में मौजूद अतिरिक्त वसा और चीनी के बारे में जागरूक करने के लिए एक व्यवहारिक प्रेरणा है। जिसमें फलों, सब्जियों और कम वसा वाले विकल्पों जैसे पौष्टिक आहार को बढ़ावा देना, सीढ़ियों का उपयोग, व्यायाम और पैदल चलने जैसी शारीरिक गतिविधियां शामिल हैं।
यह परामर्श राष्ट्रीय गैर-संचारी रोगों की रोकथाम और नियंत्रण कार्यक्रम (एनपी-एनसीडी) के अंतर्गत मंत्रालय की प्रमुख पहलों में से एक है। तेल और चीनी का अत्यधिक सेवन मोटापे, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और जीवनशैली से जुड़े अन्य रोगों को बढ़ावा देता है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने आज नई दिल्ली के वीएमएमसी और सफदरजंग अस्पताल…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में बाढ़ की स्थिति का जायजा…
झारखंड में भी पिछले कुछ दिनों से तेज बारिश के बाद कई हिस्सों में बाढ़…
बिहार में पटना और कई अन्य जिलों में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा…
वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने न्यूयॉर्क में उच्च स्तरीय व्यापार गोलमेज सम्मेलन में निवेशकों से…
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई/आयोग) ने प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 (अधिनियम) की धारा 27 के तहत दिनांक…