केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज अहमदाबाद, गुजरात स्थित राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (NID) में इनोवेशन और इनक्यूबेशन सेंटर (IIC) का उद्घाटन किया। इस अवसर पर केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल और उप-मुख्यमंत्री हर्ष संघवी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि NID रचनात्मकता, इनोवेशन और उद्यमिता को जोड़ने वाला संस्थान है। उन्होंने कहा कि परंपरागत रूप से देखें तो डिजाइन एक विधा है और अगर इससे आगे बढ़कर देखें तो यह एक कला है, जो चीजों को अच्छे तरीके से प्रस्तुत करती है।
अमित शाह ने कहा कि NID की स्थापना इस उद्देश्य से हुई है कि हर आदमी में डिजाइन का एक संस्कार कहीं न कहीं कम-ज्यादा होता है, मगर समय के दबाव के कारण डिजाइन के क्षेत्र में कुछ अच्छा कर सकने की क्षमता से युक्त लोग रोजमर्रा के जीवन में व्यस्त हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि NID की स्थापना के अनेक उद्देश्यों में एक उद्देश्य यह भी रहा होगा कि डिजाइन की विधा जिनके मन में संस्कार के रूप में है, उनके पोटेंशियल को एक प्लेटफॉर्म दिया जाए और समाज के सामने लाने में उनकी मदद की जाए। किसी भी क्षेत्र में मौजूद संभावना को राष्ट्र की दृष्टि से शत-प्रतिशत एक्सप्लोर करने के लिए उसे करियर के रूप में स्वीकार करना पड़ता है। चाहे गीत लिखना हो, म्यूजिक हो या डिजाइन हो, ये सभी चीजें कला से जुड़ी हैं, मगर अंततः इन्हें प्रोफेशन के रूप में भी स्वीकार करना पड़ता है। NID की स्थापना गुजरात में इसलिए की गई है कि आपकी विधा और कला की कमर्शियल संभावना 100% एक्सप्लोर की जा सके।
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि NID को इस क्षेत्र में परिमार्जन को बढ़ावा देना होगा। NID ने इनक्यूबेशन और इनोवेशन सेंटर बनाकर नेक पहल की है, मगर जो युवा इस क्षेत्र को अपना करियर बनाते हैं, उन्हें उनकी जरूरत के साथ जोड़कर उनकी चिंता भी दूर करने की व्यवस्था करनी पड़ेगी। इसके लिए एक अलग वर्टिकल तैयार करना होगा, क्योंकि यहां डिजाइन वाले लोग होते हैं, कमर्शियलाइजेशन करने वाले लोग नहीं होते। NID को आगामी दिनों में दोनों क्षेत्रों के लोगों को साथ लाना होगा। तभी जाकर देश में डिजाइन के 100% पोटेंशियल को हम एक्सप्लोर कर पाएंगे और युवा इसे बगैर किसी झिझक के करियर के रूप में स्वीकार करेंगे।
अमित शाह ने कहा कि हर क्षेत्र में डिजाइन का महत्व है। किसी बड़े इंडस्ट्रियल पार्क के निर्माण में भी डिजाइन की जरूरत है। डिज़ाइन की विधा भारत में पहले से मौजूद है, केवल इसे पहचानने और एक्सप्लोर करने की आवश्यकता है। हाई-टेक डिजाइन के क्षेत्र में हमें आगे बढ़ना होगा। चाहे सेमीकंडक्टर हो, चाहे चिप हो। उन सभी क्षेत्रों को एक्सप्लोर करना होगा, जिनमें डिजाइन का गुण, स्वभाव और रुचि है। इन क्षेत्रों को करियर से जोड़ने का काम नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन को करना चाहिए। सभी परिसरों में इसका एक वर्टिकल बनाकर इस दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
गृह मंत्री ने कहा कि समाज और जीवन के हर क्षेत्र में डिजाइन कैसे आए और डिजाइन का फायदा हर क्षेत्र को कैसे हो, इसके लिए भी काफी काम करने की जरूरत है। पाटन का पटोला देख चुके लोगों को मालूम होगा कि कितनी बखूबी, बारीकी और वैज्ञानिक तरीके से उसे डिजाइन किया गया है। इतनी साइंटिफिक डिजाइन शायद ही कहीं हुई होगी, खासकर रंगों के मेल के साथ। यह विधा हमारे यहां पहले से है। इसे एक्सप्लोर करना पड़ेगा और अगर एक्सप्लोर करना है तो काफी युवाओं को इसे करियर के रूप में स्वीकार करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि डिजाइन की उपयोगिता के बारे में जागरूकता तथा इस क्षेत्र के विस्तार के लिए भी प्रयास करने होंगे।
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