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Union Minister of Commerce and Industry Piyush Goyal delivered the keynote address virtually at the City India Conference 2026, held in Mumbai.
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केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मुंबई में आयोजित सिटी इंडिया कॉन्फ्रेंस 2026 में वर्चुअल माध्यम से मुख्य भाषण दिया

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मुंबई में आयोजित सिटी इंडिया कॉन्फ्रेंस 2026 में वर्चुअल माध्यम से मुख्य भाषण दिया। इसमें उन्होंने भारत के विश्व के सबसे भरोसेमंद निवेश गंतव्य के रूप में उभरने पर प्रकाश डाला और विनिर्माण, व्यापार करने में सुगमता, बुनियादी ढांचे, प्रौद्योगिकी अंगीकरण और वैश्विक व्यापार जुड़ाव को सुदृढ़ करने के लिए सरकार के चल रहे प्रयासों की रूपरेखा प्रस्तुत की।

पीयूष गोयल ने वैश्विक निवेशकों और व्यापारिक नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारत को विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में मान्यता प्राप्त है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश आने वाले दो दशकों से अधिक समय तक इस स्थिति को बनाए रखेगा। उन्होंने कहा कि भारत ने बदलती भू-राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप प्रक्रियाओं और व्यावसायिक रणनीतियों को पुनर्व्यवस्थित करके संकटों को अवसरों में परिवर्तित किया है और व्यापार, व्यवसाय, विनिर्माण और निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य बना हुआ है।

पीयूष गोयल ने कहा कि कनाडा और अमेरिका में निवेशकों और व्यापारिक नेताओं के साथ उनकी हालिया मुलाकातों से भारत की आर्थिक संभावनाओं में वैश्विक विश्वास स्पष्ट हुआ है। भारत से कनाडा जाने वाले अब तक के सबसे बड़े व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ अपनी कनाडा यात्रा का उल्‍लेख करते हुए उन्होंने प्रस्तावित भारत-कनाडा मुक्त व्यापार समझौते के लिए मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया और पेंशन फंड, बीमा कंपनियों और अन्य संस्थागत निवेशकों की मजबूत रुचि को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि न्यूयॉर्क में अग्रणी निवेश फर्मों और लगभग 50 कंपनियों के साथ हुई चर्चाओं ने भारत को एकमात्र विश्वसनीय वैकल्पिक विनिर्माण केंद्र, एक भरोसेमंद साझेदार और लोकतंत्र, विधि के शासन, निर्णायक नेतृत्व, प्रौद्योगिकीय क्षमताओं और 1.4 बिलियन लोगों के विशाल उपभोक्ता बाजार द्वारा समर्थित एक सुरक्षित निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित किया है।

पीयूष गोयल ने कहा कि दीर्घकालिक वैश्विक पूंजी का रुझान भारत की ओर तेजी से बढ़ रहा है। न्यूयॉर्क और टोरंटो के प्रमुख निवेशकों के साथ हुई बातचीत का उल्‍लेख करते हुए उन्होंने कहा कि हर चर्चा से भारत की भावी विकास गति पर भरोसा और मजबूत हुआ। उन्होंने टिप्पणी की कि निवेशकों के लिए सवाल यह नहीं है कि वे भारत में निवेश करें या नहीं, बल्कि यह है कि वे भारत की विकास गाथा को कितनी जल्दी पहचानते हैं और उसमें भाग लेते हैं।

भारत में सफल दीर्घकालिक निवेशों के उदाहरणों पर प्रकाश डालते हुए उन्‍होंने 1999 में लगभग 200 मिलियन डॉलर के निवेश के साथ हुंडई के भारत में प्रवेश का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय बुनियादी ढांचे की सीमाओं के बावजूद, कंपनी ने भारत में विनिर्माण कार्यों के माध्यम से वर्षों में काफी मूल्य अर्जित किया और लाभांश, रॉयल्टी और पूंजी वृद्धि के माध्यम से महत्वपूर्ण लाभ प्राप्त किया। उन्होंने भारत में जेसीबी के अनुभव का भी उल्‍लेख किया और बताया कि कंपनी ने देश में तब प्रवेश किया जब बुनियादी ढांचे का विकास अभी शुरुआती चरण में था। आज यह कंपनी भारत में निर्मित उत्पादों का निर्यात लगभग 130 देशों को करती है, साथ ही बढ़ती घरेलू मांग को भी पूरा करती है। उन्होंने कहा कि ये उदाहरण घरेलू और वैश्विक दोनों बाजारों के लिए व्‍यापक स्‍तर पर विनिर्माण सेक्‍टर की सहायता करने की भारत की क्षमता को दर्शाते हैं।

पीयूष गोयल ने विश्व के साथ भारत के बढ़ते व्यापारिक संबंधों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत ने पिछले तीन से साढ़े तीन वर्षों में 38 विकसित अर्थव्यवस्थाओं के साथ नौ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं। उन्होंने कहा कि ये समझौते बाजार पहुंच बढ़ाकर, व्यापार को सुगम बनाकर, प्रतिभाओं के आवागमन को सक्षम बनाकर और निवेश आकर्षित करके, जिनमें भारत में वैश्विक क्षमता केंद्र स्थापित करना भी शामिल है, भारत के विकास में योगदान देते हैं।

भारत की विकास यात्रा में वैश्विक निवेशकों को आमंत्रित करते हुए पीयूष गोयल ने इस बात पर जोर दिया कि भारत केवल एक विशाल और विकासशील बाजार ही नहीं, बल्कि नवाचार, डिजाइन और उन्नत विनिर्माण का आधार भी है। उन्होंने निवेशकों से आग्रह किया कि वे भारत को नई प्रौद्योगिकियों और भविष्य के उद्योगों की ओर अग्रसर करने में सहयोग के लिए धैर्यपूर्वक और दीर्घकालिक पूंजी निवेश करें।

पीयूष गोयल ने उपस्थित लोगों को सूचित किया कि ओमान मुक्त व्यापार समझौता 1 जून से प्रभावी हो गया है और संकेत दिया कि अगले छह महीनों के भीतर कम से कम दो से तीन और महत्वपूर्ण मुक्त व्यापार समझौते प्रभावी होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि भारत अगले वर्ष में तीन से चार और महत्वपूर्ण व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर करने और अगले नौ से दस महीनों में हाल ही में संपन्न हुए सभी नौ समझौतों को लागू करने की संभावना है।

व्यापार सुगमता बढ़ाने के उद्देश्य से किए गए हालिया सुधारों पर प्रकाश डालते हुए, पीयूष गोयल ने अप्रैल में पारित जन विश्वास अधिनियम के दूसरे संस्करण का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस कानून के तहत कई केंद्रीय कानूनों के अंतर्गत आने वाले लगभग एक हजार अपराधों- जिनमें न तो धोखाधड़ी का इरादा था और न ही सार्वजनिक सुरक्षा या सार्वजनिक स्वास्थ्य को कोई खतरा- को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह सुधार व्यवसायों के प्रति सरकार के विश्वास-आधारित दृष्टिकोण को दर्शाता है, साथ ही अनुपालन के बोझ को कम करता है और न्यायिक प्रणाली पर दबाव को भी कम करता है।

पीयूष गोयल ने हाल ही में घोषित भव्य स्‍कीम का भी उल्‍लेख किया, जिसके तहत देश भर में लगभग 3.5 बिलियन डॉलर के परिव्यय से 100 औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य तैयार कारखानों, श्रमिकों के आवास, मनोरंजन सुविधाओं, पर्यावरण संबंधी स्वीकृतियों, सामान्य अपशिष्ट जल उपचार सुविधाओं, उपयोगिताओं, जल आपूर्ति, बिजली और डिजिटल बुनियादी ढांचे सहित सहज औद्योगिक अवसंरचना का निर्माण करना है। उन्होंने बताया कि यह पहल सरकार को नियामक की बजाय सुविधादाता के रूप में कार्य करने में सक्षम बनाकर लघु एवं मध्यम उद्यमों, निर्माताओं और व्यवसायों को सहयोग प्रदान करेगी।

श्रम सुधारों का उल्‍लेख करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि चार श्रम संहिताएं अब सक्रिय हो चुकी हैं और कई राज्यों ने अपने नियमों को अपनाना और उनमें संशोधन करना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि 29 श्रम कानूनों को चार श्रम संहिताओं में समेकित करने से अनुपालन और कार्यान्वयन में अत्‍यधिक सरलता आई है।

हाल की वैश्विक चुनौतियों के प्रति भारत की प्रतिक्रिया पर चर्चा करते हुए उन्‍होंने कहा कि पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रमों और खाड़ी क्षेत्र से ऊर्जा आपूर्ति में आई बाधाओं के बावजूद देश ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा संकट का सफलतापूर्वक सामना किया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने के भारत के पूर्व प्रयासों ने पेट्रोल, डीजल, विमानन ईंधन, एलएनजी और एलपीजी की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की, साथ ही कीमतें भी अपेक्षाकृत कम रहीं। उन्होंने कहा कि वैश्विक कीमतों में वृद्धि के बावजूद किसानों के लिए उर्वरक की कीमतें अपरिवर्तित रहीं, जिसका बोझ केंद्र सरकार ने उठाया।

पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले बारह वर्षों में किए गए मजबूत राजकोषीय प्रबंधन ने भारत को आर्थिक स्थिरता बनाए रखते हुए किसानों, लघु एवं मध्यम उद्यमों, व्यवसायों और समाज के कमजोर वर्गों की सहायता करने में सक्षम बनाया है।

अवसंरचना विकास पर प्रकाश डालते हुए उन्‍होंने कहा कि भारत बंदरगाहों, राजमार्गों, सड़कों, ग्रामीण संपर्क और हवाई अड्डों में लगभग 130 बिलियन डॉलर का निवेश कर रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक में देश की बंदरगाह और हवाई अड्डे की क्षमता दोगुनी हो गई है। उन्होंने जल जीवन मिशन, 500 गीगावाट संस्‍थापित क्षमता वाले राष्ट्रीय विद्युत ग्रिड की स्थापना और 50 प्रतिशत से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा योगदान सहित प्रमुख उपयोगिता पहलों का भी उल्लेख किया।

पीयूष गोयल ने बताया कि भारत अगले पांच वर्षों में नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को 250 गीगावाट से बढ़ाकर 500 गीगावाट करने की योजना बना रहा है। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता और अन्य उन्नत प्रौद्योगिकियों के लिए कार्यबल को तैयार करने हेतु व्‍यापक स्‍तर पर कौशल विकास और पुनर्प्रशिक्षण पहलों के माध्यम से सेमीकंडक्टर और उभरती प्रौद्योगिकियों पर देश के फोकस पर भी प्रकाश डाला।

पीयूष गोयल ने संतोष व्यक्त किया कि टाटा और एएसएमएल मिलकर भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए पहला पूंजीगत उपकरण निर्माण संयंत्र स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत प्रौद्योगिकी, विनिर्माण और आर्थिक विकास में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए सतत रणनीति अपना रहा है।

वाणिज्‍य मंत्री ने कहा कि जहां विश्व ने शुरुआत में भारतीय प्रतिभाओं में निवेश किया, वहीं अब वह भारत में पूंजी और प्रौद्योगिकी में अधिकाधिक निवेश कर रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत डिजाइन, अनुसंधान एवं विकास, कृत्रिम बुद्धिमत्ता अनुप्रयोगों और स्वदेशी प्रौद्योगिकीय क्षमताओं को बढ़ावा देकर असेंबली-आधारित विनिर्माण से आगे बढ़कर नवाचार-आधारित विकास की ओर अग्रसर है। उन्होंने इस परिवर्तन के उदाहरण के रूप में भारत के स्वदेशी 5जी स्‍टैक, देशव्यापी तीव्र 5जी कार्यान्वयन, कम लागत पर डेटा की उपलब्धता, सुदृढ़ विद्युत अवसंरचना और डेटा केंद्रों के लिए सुरक्षित वातावरण का उल्लेख किया।

पीयूष गोयल ने कहा कि भारत एक सुरक्षित और संरक्षित वातावरण प्रदान करता है जहां बौद्धिक संपदा की रक्षा की जाती है, प्रौद्योगिकी सुरक्षित रहती है और डेटा गोपनीयता बनाकर रखी जाती है। उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजारों को सेवाएं प्रदान करने वाले डेटा केंद्रों को 2047 तक आयकर से छूट मिलेगी, जिस वर्ष तक भारत का लक्ष्य विकसित भारत 2047 के विजन के तहत 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था वाला एक विकसित राष्ट्र बनना है।

अपने संबोधन के समापन में पीयूष गोयल ने कहा कि भारत में उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों, वस्तुओं और सेवाओं के माध्यम से अपार संभावनाएं, अवसर और लाभप्रदता विद्यमान है, जिन्हें देश में ही प्रतिस्पर्धी तरीके से डिजाइन और उत्पादित किया जाता है। उन्होंने दोहराया कि भारत वैश्विक निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बना हुआ है। उन्‍होंने विश्वास व्यक्त किया कि 1.4 बिलियन भारतीयों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के प्रयासों से समर्थित भारतीय अर्थव्यवस्था 21वीं सदी की सबसे महत्वपूर्ण और निर्णायक विकास गाथा के रूप में उभरेगी।

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