एकीकृत भुगतान इंटरफेस- यूपीआई क्यूआर-कोड ने वित्त वर्ष 2024-25 में डिजिटल भुगतान अवसंरचना में सबसे तेज वृद्धि दर्ज की है। इसने पिछले वित्त वर्ष के 657 दशमलव नौ मिलियन की तुलना में 91 दशमलव 5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है ।
रिजर्व बैंक के नवीनतम आंकडे के अनुसार यूपीआई क्यूआर कोड में उछाल के साथ ही क्रेडिट कार्ड लेनदेन की वृद्धि दर में भी गिरावट आई और यह 7 दशमलव 94 प्रतिशत पर आ गई। डेबिट कार्ड की संख्या मात्र 2 दशमलव 7 प्रतिशत बढ़कर 991 मिलियन हो गई है।
मार्च महीने में यूपीआई लेनदेन में रिकॉर्ड 24 दशमलव 77 लाख करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ। यह पिछले वर्ष की तुलना में मूल्य में 25 प्रतिशत और मात्रा में 36 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।
रिजर्व बैंक द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, यूपीआई भारत में डिजिटल लेनदेन का प्रमुख माध्यम बन गया है।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने न्यूयॉर्क में कई उच्च स्तरीय व्यापार और…
मौसम विभाग ने जून से सितंबर के बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून के मौसम में देश भर…
सर्वोच्च न्यायालय ने आज देश के सभी उच्च न्यायालयों को फैसले सुरक्षित रखने के तीन…
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने आज बेंगलुरु में आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के 45 वर्ष पूरे…
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज गुजरात के भुज में भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित…
विश्व तंबाकू निषेध दिवस (डब्ल्यूएनटीडी) 2026 के अवसर पर पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने आज कर्तव्य…