अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने भारत को समुद्र में फंसे रूसी तेल की खरीद के लिए 30 दिन की छूट देने की घोषणा की है। यह कदम वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। इस छूट के अंतर्गत भारत को उस रूसी तेल की खरीद की अनुमति दी गई है, जो इस समय समुद्र में फंसा हुआ है।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पहले से भेजी गर्इ तेल आपूर्ति अंतरराष्ट्रीय परिवहन जटिलताओं के कारण नष्ट होने की बजाए अपने गंतव्य तक पहुंच सके।
अमेरिका के अनुसार इन विशेष तेल खेपों की आवाजाही को संभव बनाकर भारत की ऊर्जा सुरक्षा को सहारा मिलेगा और वैश्विक ऊर्जा बाजार के सुचारू संचालन में मदद मिलेगी। यह छूट एक अस्थाई व्यवस्था के रूप में दी गई है। यह केवल उन तेल खेपों पर लागू होगा जो पहले से ही परिवहन में हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए भावी पेशेवरों को तैयार करने हेतु, एनएचएआई ने…
बांग्लादेश आज 56वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। 26 मार्च, 1971 को आज के ही…
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा है कि ईरान ने भारत, चीन…
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा है कि पश्चिम एशिया संघर्ष का सबसे…
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोलियम और एलपीजी…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 28 मार्च 2026 को उत्तर प्रदेश का दौरा करेंगे। सुबह लगभग 11:30…