अमेरिका-ईरान वार्ता बिना किसी समझौते के समाप्त, परमाणु हथियार न बनाने की प्रतिबद्धता को लेकर मतभेद
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में लगभग 21 घंटे तक चली अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बताया कि बातचीत सार्थक रही, लेकिन कोई समझौता नहीं हो सका।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा कि मुख्य मतभेद ईरान से परमाणु हथियार न बनाने की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को लेकर है। उन्होंने बताया की अमेरिका ने ईरान के समक्ष अंतिम प्रस्ताव रखा है और अब ईरान की प्रतिक्रिया का इंतजार है।
इससे पहले, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान सरकार द्वारा एक्स पर साझा किए गए एक बयान में तेहरान ने संकेत दिया था कि कुछ मतभेद बने रहने के बावजूद संवाद जारी रहेगा।
यह बैठक वॉशिंगटन और तेहरान के बीच कई दशकों में सबसे उच्चस्तरीय प्रत्यक्ष वार्ता रही। वार्ता के प्रमुख मुद्दों में पश्चिम एशिया में युद्धविराम, अमेरिका में रोकी गई ईरानी संपत्तियों की रिहाई और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से जुड़े विषय शामिल थे।
वार्ता के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ समझौता हो या न हो, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में अभियान जारी है और अमेरिका पहले ही जीत चुका है।
इस बीच, एक वीडियो संदेश में इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ईरान के खिलाफ अभियान अभी समाप्त नहीं हुआ है, लेकिन उन्होंने दावा किया कि इज़राइल ने ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं और ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को विफल कर दिया है। उन्होंने कहा कि इज़राइल ने यह अभियान इसलिए शुरू किया क्योंकि ईरान परमाणु हथियार हासिल करने के करीब था और प्रतिदिन सैकड़ों मिसाइलें बनाने की क्षमता रखता था।
इस वार्ता में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने किया। उनके साथ विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर सहित वरिष्ठ सलाहकार मौजदू थे। वही, ईरानी संसद अध्यक्ष और प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख मोहम्मद बाकर क़लीबाफ़, विदेश मंत्री अब्बास अराघची और सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के उप प्रमुख अली बाघेरी-कानी भी वार्ता में शामिल हुए।





