अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने यूरोप के आठ देशों के सामान पर 10 प्रतिशत आयात शुल्क लगाने की घोषणा की है। यह शुल्क इन देशों के ग्रीनलैंड पर अमरीका के दावे के विरोध के कारण लगाया गया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, नीदरलैंड और फिनलैंड के सामान पर एक फरवरी से यह शुल्क लागू होगा।
इस बीच, यूरोपीय नेताओं ने अमरीका के इस कदम की निंदा की है। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्ता और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेर लायन ने चेतावनी दी कि इससे संबंध कमजोर होने के साथ ही भारी नुकसान हो सकता है। इन नेताओं ने कहा कि क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता अंतरराष्ट्रीय कानून के मूलभूत सिद्धांत हैं। उन्होंने डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ पूर्ण एकजुटता का संकल्प व्यक्त किया। अन्य यूरोपीय नेताओं ने भी उनका समर्थन किया है।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि यूरोप इसका समन्वित तरीके से जवाब देगा।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने शुल्क को गलत बताते हुए कहा कि ग्रीनलैंड का भविष्य वहां के लोगों और डेनमार्क को तय करना चाहिए। वहीं, स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने कहा है कि यूरोप यह ब्लैकमेलिंग नहीं होने देगा।
इस बीच, ग्रीनलैंड और डेनमार्क में लोगों ने डॉनल्ड ट्रम्प की योजनाओं के खिलाफ प्रदर्शन किया। इन दोनों देशों के कई शहरों में हजारों लोगों ने एकजुटता व्यक्त की।
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