भारतीय ध्वज वाले एल पी जी टैंकर ‘ग्रीन आशा’ ने ईरान के निकट होर्मुज जलडमरूमध्य सफलतापूर्वक पार कर लिया है। 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से यह नौवां भारत का झंडा वाला जहाज़ है जो होर्मुज की खाड़ी को पार कर गया है।
ईरान ने अमरीका और इस्राएल के साथ संघर्ष बढ़ने के बाद यह जलडमरुमध्य बंद कर दिया था। यह मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिये अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे कुल वैश्विक पैट्रोलियम व्यापार का 20 प्रतिशत परिचालित होता है। जोखिमों के बावजूद, भारतीय जहाजों की गतिविधि सुरक्षित बनी हुई है।
पहले भेजे गए जहाजों में एलपीजी वाहक बी डब्ल्यू टी वाई आर, बी डब्ल्यू ई एल एम, पाइन गैस और जग वसंत शामिल हैं, इनसे सामूहिक रूप से 92 हजार टन से अधिक एलपीजी की आपूर्ति हुई। वहीं, तेल टैंकर जग लाडकी और जग प्रकाश ने संयुक्त अरब अमीरात और ओमान से कच्चा तेल और गैसोलीन का परिवहन किया। इसके अलावा ग्रीन सानवी ने करीब 46 हजार 650 मीट्रिक टन माल के साथ अपनी यात्रा पूरी की।
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