केरल में आज विद्यारम्भम उत्सव मनाया जा रहा है। इसे औपचारिक शिक्षा की ओर पहला कदम माना जाता है। इस अवसर पर नृत्य और संगीत शिक्षा की भी शुरुआत की जाती है।
पूरे केरल में आज से कई बच्चों के लिए विद्यारंभ हुआ। इस मौक़े पर कई स्थानों पर शिक्षकों, लेखकों, विद्वानों और परिवार के सबसे बड़े सदस्यों ने इसकी शुरुआत की। विद्यारंभम के लिए कहीं सोने के छल्ले को शहद में डुबोकर बच्चों की जीभ पर लिखा गया, तो कहीं बच्चों से थाल पर लिखवाया गया। विद्यारंभम का आयोजन घरों के अलावा तिरुर में तंचन प्रांबू और कई मंदिरों में भी हुआ। इनमें पाणचिक्कडु, चोट्टनिक्करा, परवुर और अत्तकल शामिल हैं। हाल के वर्षों में, केरल में कई धर्मों के लोगों ने विद्यारंभम को अपनाना शुरु किया है।
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