ईरान और इस्राइल के बीच पिछले सात दिन से जारी युद्ध और तेज हो गया है। इस्राइल ने कल तेहरान में ईरान के आंतरिक सुरक्षा मुख्यालय को निशाना बनाया जबकि ईरान ने दक्षिण इस्राइल में अस्पताल पर मिसाइल हमला किया। दोनों देश एक दूसरे के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को निशाना बना रहे हैं। हाल के इतिहास में दोनों देशों के बीच सीधे सैन्य टकराव का यह सबसे भीषण दौर है।
इस्राइली नेतृत्व ने सरोका अस्पताल पर हुए हमले की कडी निंदा की है। प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू और रक्षामंत्री इस्रैल काट्ज ने ईरान के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने वाली कार्रवाई और तेज करने की घोषणा की। इस्राइली सेना ने ईरान की परमाणु और मिसाइल विनिर्माण क्षमता ध्वस्त करने के उद्देश्य से अराक हेवी वॉटर रिएक्टर और नतांज में अन्य प्रतिष्ठान सहित महत्वपूर्ण स्थलों पर मिसाइल हमले किए हैं। ईरान की सरकारी मीडिया ने पुष्टि की है कि अराक रियेक्टर से रेडिएशन का कोई खतरा नहीं है। प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि सरकारी प्रतिष्ठानों पर सैन्य कार्रवाई से ईरान में सत्ता परिवर्तन का लक्ष्य पूरा होगा। इस बीच, अमरीकी राष्ट्रपति कार्यालय व्हाइट हाउस ने युद्ध में अमरीका के शामिल होने का निर्णय अगले दो सप्ताह के अंदर स्पष्ट हो जाने की बात कही है।
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