भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की रथ यात्रा आज ओडिशा के पुरी में शुरू हो रही है। विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ और उनके भाई-बहन रथों में विराजमान होकर श्रद्धालुओं को दर्शन देते हुए श्री गुंडिचा मंदिर जाते हैं, जिसे भगवान जगन्नाथ के मामा का निवास स्थान माना जाता है। लगभग 3 किलोमीटर की इस यात्रा का समापन श्री गुंडिचा मंदिर में होगा। भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा नौ दिनों तक गुंडिचा मंदिर में ठहरते हैं। यात्रा पूरी करने के बाद उन्हीं रथों पर श्री मंदिर लौटते हैं, जिसे ‘बहुदा यात्रा’ या वापसी रथ यात्रा कहा जाता है। इस रथ यात्रा में बड़ी संख्या में भक्त शामिल होते हैं। यात्रा के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रथ यात्रा के पवित्र अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि रथ यात्रा भारत की शाश्वत आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत की एक उत्कृष्ट अभिव्यक्ति है। साथ ही, यह विनम्रता, सामूहिक भागीदारी तथा निस्वार्थ सेवा का भी प्रतीक है।
पेरिस में वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) की पूर्ण बैठक और कार्य समूहों की बैठकें…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के केवडिया में ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ समारोह से पहले ‘भारत…
संयुक्त अरब अमीरात और सिंगापुर जाने वाले भारतीय यात्री अब अपने पसंदीदा यूपीआई ऐप के…
भारत सरकार ने भारत के बैंकिंग क्षेत्र की समीक्षा करने और इसे वैश्विक स्तर पर…
तमिलनाडु के ग्रामीण इलाकों में डिजिटल अवसंरचना को मजबूती प्रदान करने और ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी को…
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन आज तमिलनाडु के डिंडीगुल स्थित गांधीग्राम ग्रामीण संस्थान (मानद विश्वविद्यालय) के…