विश्व स्वास्थ्य संगठन-डब्ल्यू एच ओ ने संक्रामक रोग मंकीपॉक्स के लिए पहले नैदानिक परीक्षण को मंजूरी दे दी है। आपातकालीन प्रयोग प्राधिकरण ने उम्मीद जताई है कि मंकीपॉक्स से प्रभावित उन देशों में, जहां त्वरित और सटीक परीक्षण की मांग बढी है, वहां नैदानिक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
अफ्रीका में मंकीपॉक्स से अब तक 8 सौ से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 30 हजार से अधिक मामले सामने आए हैं। अफ्रीकी संघ के रोग नियंत्रण केंद्र के अनुसार यह बीमारी 16 देशों में पाई गई है। सबसे गंभीर स्थिति कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में है।
मंकीपॉक्स संक्रमित जानवरों से मनुष्यों में फैलता है। इसके लक्षणों में बुखार, मांसपेशियों में दर्द और त्वचा पर बड़े फोड़े जैसे घाव शामिल हैं।
केंद्र सरकार ने बताया है कि अनुसूचित जाति के लिए राष्ट्रीय विदेशी छात्रवृत्ति (एनओएस) योजना…
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने विशाखापत्तनम पोर्ट अथॉरिटी में 334.89 करोड़ रुपये के…
भारत-नामीबिया संयुक्त व्यापार समिति(जोटीसी) का चौथा सत्र 10 और 11 अगस्त 2026 को नई दिल्ली…
रेल डिब्बा कारखाना, कपूरथला, 12 अगस्त 2026 को बांग्लादेश रेलवे के लिए 19 एल एच…
भारत ने दोहराया है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अविभाज्य तथा अभिन्न अंग है और…
संसद ने अधिकरण सुधार विधेयक, 2026 पारित कर दिया है। आज राज्यसभा ने भी इसे…