विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) ने एशिया में अत्यधिक बारिश के कारण घातक बाढ़ की चेतावनी दी है। डब्ल्यूएमओ ने मंगलवार को जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र के एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि विनाशकारी मानसूनी बारिश और उष्ण कटिबंधीय चक्रवातों ने दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के कई हिस्सों में विनाशकारी बाढ़ ला दी है, जिससे सैकड़ों लोगों की मौत हो गई है, कई समुदाय विस्थापित हुए हैं और बड़ी आर्थिक तबाही हुई है।
डब्ल्यूएमओ की एक अधिकारी क्लेयर नुलिस ने कहा कि फिलीपींस, थाईलैंड, वियतनाम और श्रीलंका सबसे बुरी तरह प्रभावित देशों में शामिल हैं, क्योंकि मानसून से जुड़ी भारी बारिश और तूफान एक साथ आ रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि बाढ़ इस क्षेत्र के सबसे बड़े खतरों में से एक है और बढ़ते तापमान के कारण और भी तीव्र बारिश की संभावना बढ़ रही है।
संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) के रिकार्डो पाइरेस ने कहा कि चक्रवात दित्वाह से दो लाख 75 हजार से ज़्यादा बच्चे प्रभावित हुए हैं। 28 नवंबर को एशिया के पूर्वी तट पर दस्तक देने के बाद यह चक्रवात भयंकर बाढ़ और भूस्खलन लेकर आया। उन्होंने कहा कि कई इलाकों में अभी भी पहुंच नहीं है, इसलिए वास्तविक संख्या इससे ज़्यादा हो सकती है।
डब्ल्यूएमओ की एक अधिकारी क्लेयर नुलिस ने कहा कि इस आपदा ने क्षेत्रीय पूर्वानुमान प्रणालियों को और मज़बूत करने, उनसे निपटने की क्षमता बढ़ाने और डेटा साझा करने की ज़रूरत को उजागर किया है। उन्होंने कहा कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र विश्व में सबसे ज्यादा तूफ़ान का सामना कर रहा है, और कोई भी संस्था या देश अकेले उष्णकटिबंधीय चक्रवातों या जलवायु परिवर्तन से नहीं निपट सकता।
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