इस्राएल और लेबनान के बीच 10 दिन का युद्धविराम कल रात से लागू हो गया। युद्ध विराम से बेरूत में जश्न का माहौल है। युद्धविराम का उद्देश्य दोनों देशों के बीच कूटनीतिक स्तर पर बातचीत का अवसर उपलब्ध कराना है।
अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने इस्राएल और लेबनान के बीच 10 दिनों के युद्धविराम की घोषणा की। डॉनल्ड ट्रम्प ने लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन और इस्राएल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ हुई बातचीत को सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि दोनों नेता शांति की राह पर चलने के लिए युद्धविराम पर सहमत हुए।
बेंजामिन नेतन्याहू ने अस्थायी युद्धविराम पर सहमति जताई, लेकिन इस बात पर ज़ोर दिया कि इस्राएल की सेना दक्षिणी लेबनान में बनी रहेगी।
दस दिन की समय–सीमा को विश्वास–बहाली के उपाय के तौर पर देखा जा रहा है। अमरीका के राष्ट्रपति ट्रंप ने उपराष्ट्रपति जे.डी. वैस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो और जॉइंट चीफ़्स ऑफ़ स्टाफ़ के अध्यक्ष को निर्देश दिया है कि वे दोनों पक्षों के साथ मिलकर एक स्थायी शांति की दिशा में काम करें। लेबनान भी समझौते के लिए इस्राएली सेना की वापसी, लेबनान के कैदियों की रिहाई और विस्थापित नागरिकों की वापसी की मांग कर रहा है। हिज्बुल्लाह को बातचीत से पूरी तरह बाहर रखा गया है, और उसका रुख इस समझौते को पूरी तरह से खारिज करने वाला है। सबसे अहम बात यह है कि नेतन्याहू ने यह साफ़ कर दिया है कि इस्राएल दक्षिणी लेबनान से पीछे नहीं हटेगा। यह रुख किसी भी समझौते के मूल में एक बुनियादी विरोधाभास को दर्शाता है।
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