अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले समृद्ध यूरेनियम को सौंपने पर सहमत हो गया है। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा कि दोनों देश शांति समझौते के करीब हैं। उन्होंने कहा कि अगर समझौता हो जाता है, तो तेल की कोई कमी नहीं होगी। होर्मुज जलडमरूमध्य खुला रहेगा और सब कुछ ठीक हो जाएगा।
पिछले सप्ताह पाकिस्तान में लम्बी चली शांति वार्ता में अमेरिका और ईरान किसी समझौते पर नहीं पहुंच सके थे। अमेरिका का कहना था कि ईरान ने परमाणु ईंधन संवर्धन के अपने अधिकार को छोड़ने से इनकार कर दिया।
इससे पहले, ईरान ने पांच साल तक यूरेनियम संवर्धन को निलंबित करने का प्रस्ताव रखा था, जिसे ट्रंप प्रशासन ने 20 साल की अवधि पर अड़े रहते हुए खारिज कर दिया था। ट्रंप प्रशासन की पहले की मांग यह थी कि ईरान घरेलू संवर्धन को स्थायी रूप से बंद कर दे, क्योंकि इससे परमाणु हथियार बनाने की क्षमता हासिल करने का रास्ता खुल सकता है। ईरान हमेशा से यह कहता रहा है कि वह परमाणु हथियार नहीं चाहता और उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है।
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